कोलकाता: अचानक आपा खो बैठीं ममता बनर्जी, सरेराह अपनी ही पार्टी के कार्यकर्ता को जड़ा थप्पड़, Video Viral

punjabkesari.in Thursday, Jul 09, 2026 - 08:24 AM (IST)

नेशनल डेस्क: पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में एक नाबालिग लड़की से कथित सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के विरोध में तृणमूल कांग्रेस की छात्र-युवा इकाई की बुधवार को रैली के दौरान जबरदस्त हंगामा और राजनीतिक हिंसा भड़क उठी। रैली पर भाजपा समर्थकों के कथित हमले और दो पक्षों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गयी कि तृणमूल कांग्रेस नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को खुद अपने कालीघाट स्थित आवास से बाहर आना पड़ा। इस दौरान भारी भीड़ और अफरा-तफरी को नियंत्रित करने की कोशिश में सुश्री बनर्जी अपना आपा खो बैठीं और उन्होंने अपनी ही पार्टी के एक कार्यकर्ता को थप्पड़ जड़ दिया तथा कई अन्य कार्यकर्ताओं को फटकार लगाते हुए पीछे हटाया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार कलकत्ता उच्च न्यायालय से बाकायदा अनुमति मिलने के बाद तृणमूल कांग्रेस के छात्र और युवा कार्यकर्ताओं ने बालीगंज से इस शांतिपूर्ण विरोध मार्च की शुरुआत की थी। यह मार्च जैसे ही कालीघाट क्षेत्र के पास पहुंचा, सड़क किनारे मौजूद उपद्रवियों और विरोधियों की ओर से‘चोर-चोर'के नारे लगाये जाने लगे तथा तृणमूल कांग्रेस विरोधी गाने बजाये जाने लगे।

ममता बनर्जी ने BJP पर TMC के विरोध मार्च में बाधा डालने का आरोप लगाया
ममता ने बारुईपुर में 11 साल की बच्ची के कथित रेप और हत्या के मामले में आयोजित विरोध मार्च में बाधा डालने के लिए BJP और पुलिस पर आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि पुलिस कलकत्ता हाई कोर्ट के उस आदेश का पालन करने में विफल रही, जिसमें रैली को शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित करने की अनुमति दी गई थी। आरोप है कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने जबरन जुलूस के आसपास घुसकर माहौल खराब करने की कोशिश की, जिससे देखते ही देखते दोनों पक्षों के समर्थकों में धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू हो गयी। स्थिति बेकाबू होता देख पुलिसकर्मियों ने लाठियां भांजकर भीड़ को तितर-बितर करने का प्रयास किया। इस झड़प में कई तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ता घायल हो गये, जिन्हें सिर और शरीर में गंभीर चोटें आयीं।

झड़प की सूचना मिलने और अपने घायल कार्यकर्ताओं के लहूलुहान अवस्था में पहुंचने के बाद सुश्री बनर्जी खुद को रोक नहीं सकीं और उनका हाल-चाल जानने और एंबुलेंस व वाहनों की व्यवस्था कराने कालीघाट स्थित अपने घर से बाहर निकलीं। उनके बाहर आते ही समर्थकों और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गयी, जिससे स्थिति और भी अव्यवस्थित हो गयी। भीड़ को दूर हटाने और घायल कार्यकर्ताओं को अस्पताल पहुंचाने की मशक्कत के बीच सुश्री बनर्जी सुरक्षा में लगे और सामने खड़े अपने ही कार्यकर्ताओं पर बिफर पड़ीं।
 

ममता बनर्जी ने अपने कार्यकर्ता को थप्पड़ क्यों मारा? pic.twitter.com/EQQSnKcDLj

— Panchjanya (@epanchjanya) July 8, 2026

गुस्से में उन्होंने अपने ठीक आगे मौजूद एक कार्यकर्ता को थप्पड़ जड़ दिया और अन्य लोगों को पीछे धकेलते हुए रास्ता साफ करने का निर्देश दिया। बाद में सोशल मीडिया पर लाइव आकर सुश्री बनर्जी ने भाजपा और राज्य पुलिस प्रशासन के खिलाफ तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा समर्थकों ने सुनियोजित तरीके से उनकी शांतिपूर्ण रैली पर ‘बर्बर हमला' कराया। पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, 'हाई कोर्ट ने हमें लाउडस्पीकर के इस्तेमाल की इजाजत दी थी, लेकिन पुलिस ने हमारे माइक छीन लिये। सुबह से ही भाजपा के पाले हुए बाहरी गुंडे डीजे बजाकर उत्पात मचा रहे थे। जब महिलाओं पर अत्याचार होता है तो पुलिस गायब रहती है, लेकिन मेरे घर के बाहर 24 घंटे निगरानी रखकर मुझे एक तरह से नज़रबंद कर दिया गया है।' उन्होंने यहां तक कह दिया कि पुलिस अब जनता की रक्षक न रहकर भाजपा की शाखा बन गयी है और थानों के प्रभारी भाजपा के ब्लॉक अध्यक्ष की तरह काम कर रहे हैं।

साथ ही उन्होंने ‘जय श्री राम' के नारे का राजनीतिक इस्तेमाल करने पर भी आपत्ति जतायी। दूसरी ओर भाजपा ने इन सभी आरोपों का खंडन किया है। इस घटनाक्रम पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा कि सत्ता से बाहर होने के बाद सुश्री बनर्जी‘मानसिक रूप से विचलित'हो चुकी हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन वह आज तक इस सच्चाई को स्वीकार नहीं कर पायी हैं कि बंगाल की जनता ने उन्हें सत्ता से बेदखल कर दिया है। घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और तनाव को देखते हुए स्थिति पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। 

 

 


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Content Editor

Anu Malhotra

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