West Bengal Election 2026: बंगाल चुनाव से पहले ताबड़तोड़ कार्रवाई, ₹180 करोड़ से ज्यादा कैश-शराब-ड्रग्स जब्त
punjabkesari.in Monday, Mar 23, 2026 - 06:13 PM (IST)
West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच आदर्श आचार संहिता (MCC) का कड़ाई से पालन कराया जा रहा है। Election Commission of India की निगरानी में राज्यभर में बड़े पैमाने पर कार्रवाई जारी है। अब तक नकदी, शराब, नशीले पदार्थ और अन्य प्रलोभन सामग्री मिलाकर ₹181 करोड़ से अधिक की जब्ती की जा चुकी है।
दो चरणों में होगा मतदान
चुनाव आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक राज्य की 294 सीटों पर वोटिंग दो चरणों में कराई जाएगी—
- पहला चरण: 23 अप्रैल 2026
- दूसरा चरण: 29 अप्रैल 2026
- मतगणना: 4 मई 2026
चुनाव की घोषणा के साथ ही पूरे राज्य में आर्दश आचार संहिता लागू कर दिया गया है, जिसके तहत सरकारी घोषणाओं और विज्ञापनों पर रोक लगी हुई है।
अवैध पोस्टर-बैनर हटाने का अभियान तेज
चुनाव आयोग के निर्देश पर अवैध प्रचार सामग्री के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया गया है। सार्वजनिक स्थानों से 3.11 लाख से अधिक पोस्टर और बैनर हटाए गए। निजी संपत्तियों से करीब 20 हजार अवैध प्रचार सामग्री हटाई गई। कुल मिलाकर 3.58 लाख से ज्यादा मामलों में कार्रवाई दर्ज की गयी है।
निगरानी के लिए हजारों टीमें तैनात
चुनाव को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में टीमें सक्रिय हैं—
- 1,800 से ज्यादा फ्लाइंग स्क्वाड (FST)
- 2,200 से ज्यादा स्टैटिक सर्विलांस टीमें (SST)
ये टीमें लगातार जांच कर रही हैं और अवैध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई कर रही हैं।
संवेदनशील इलाकों में कड़ी सुरक्षा
Kolkata Police और केंद्रीय बलों ने बारानगर और कालीघाट जैसे इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की है। वोटरों को डराने-धमकाने, अवैध हथियार रखने और विस्फोटक सामग्री से जुड़े मामलों में कार्रवाई करते हुए कई गिरफ्तारियां भी की गई हैं।
अधिकारियों के तबादले पर सियासी विवाद
निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए 50 से अधिक अधिकारियों का तबादला किया गया है। इस फैसले पर मुख्यमंत्री Mamata Banerjee और उनकी पार्टी Trinamool Congress ने कड़ी आपत्ति जताई है और इसे राजनीतिक हस्तक्षेप बताया है।
चुनाव आयोग का सख्त रुख
Election Commission of India ने साफ संकेत दिया है कि चुनाव के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी या नियमों के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी दलों और उम्मीदवारों के लिए एक समान नियम लागू रहेंगे।
