पाकिस्तान में 2 नाबालिग हिंदू बहनों का अपहरण; जबरन धर्म परिवर्तन के बाद कराया निकाह, कोर्ट में माता-पिता को देखकर फूटकर रोईं बच्चियां

punjabkesari.in Sunday, Sep 20, 2026 - 02:55 PM (IST)

Karachi: पाकिस्तान के सिंध प्रांत में 13 और 14 वर्ष की दो नाबालिग हिंदू बहनों के कथित अपहरण, जबरन धर्म परिवर्तन और निकाह का मामला सामने आया है। अधिकार संगठन वॉयस ऑफ पाकिस्तान माइनॉरिटीज (वीओपीएम) के अनुसार, परिवार का आरोप है कि दोनों बहनों को टांडो अल्लाहयार जिले की इब्राहिम कॉलोनी से कथित तौर पर अगवा किया गया और बाद में उनका जबरन इस्लाम धर्म कबूल कराया गया।  परिवार के मुताबिक, दोनों का कथित तौर पर अमजद सोलंगी और मंसूर सोलंगी नाम के दो मुस्लिम पुरुषों से निकाह कराया गया। मामला अदालत तक पहुंचा, लेकिन अदालत ने दोनों बच्चियों को तत्काल परिवार के हवाले करने के बजाय सुरक्षित गृह भेजने का आदेश दिया।
 

अधिकार संगठन ने रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा कि दोनों बहनों को टांडो अल्लाहयार की अदालत में पेश किया गया था। अदालत के बाहर दोनों काफी परेशान नजर आईं और कथित तौर पर अपने परिवार के पास लौटने की गुहार लगाती रहीं।  वीओपीएम के अनुसार, 13 वर्षीय बच्ची रोते-रोते बेहोश हो गई और उसे अस्पताल ले जाना पड़ा। सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो का भी संगठन ने उल्लेख किया है, जिसमें दोनों बच्चियां अपने माता-पिता के पास लौटने की अपील करती दिखाई दे रही हैं। वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि की जानकारी उपलब्ध नहीं है। वीओपीएम ने मांग की है कि दोनों बच्चियों के बयान बाल-संवेदनशील और सुरक्षित माहौल में दर्ज किए जाएं। संगठन का कहना है कि बच्चियों को कथित पतियों, धार्मिक हस्तियों, बिचौलियों या किसी भी ऐसे व्यक्ति से अलग रखा जाना चाहिए, जो उन पर दबाव डाल सकता हो। संगठन ने दोनों बहनों को स्वतंत्र कानूनी सहायता और पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराने की भी मांग की है।
 

अधिकार संगठन के मुताबिक, इस मामले ने सिंध के हिंदू समुदायों में चिंता बढ़ा दी है। सिंध पाकिस्तान में हिंदू आबादी की बड़ी हिस्सेदारी वाला प्रांत है। संगठन का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में कई अल्पसंख्यक परिवार गरीबी, सामाजिक भेदभाव और कानूनी सहायता तक सीमित पहुंच जैसी समस्याओं से जूझते हैं। अधिकार संगठनों ने पाकिस्तान में अल्पसंख्यक लड़कियों के कथित अपहरण, धर्म परिवर्तन और निकाह से जुड़े मामलों को लेकर पहले भी चिंता जताई है। वीओपीएम ने सेंटर फॉर सोशल जस्टिस के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि 2021 से 2024 के बीच अल्पसंख्यक समुदाय की लड़कियों और महिलाओं के अपहरण, जबरन धर्म परिवर्तन और निकाह के कम से कम 421 मामले दर्ज किए गए।

 

संगठन के मुताबिक, इनमें 282 पीड़ित हिंदू थे और करीब 72 प्रतिशत मामले सिंध से सामने आए। वीओपीएम ने यह भी दावा किया कि 2024 में पाकिस्तानी अधिकारियों ने कम से कम 83 ऐसे मामले दर्ज किए, जिनमें हिंदू लड़कियां कुल पीड़ितों का 63 प्रतिशत थीं।वीओपीएम ने संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों के 2026 के एक आकलन का भी हवाला दिया है। संगठन के अनुसार, विशेषज्ञों ने 2025 के दौरान पाकिस्तान में जबरन धर्म परिवर्तन के जरिए निकाह के कथित मामलों में सिंध की बड़ी हिस्सेदारी और हिंदू पीड़ितों की संख्या को लेकर चिंता जताई थी। इन आंकड़ों और दावों के बीच यह ध्यान रखना जरूरी है कि ऐसे मामलों की रिपोर्टिंग में अलग-अलग संस्थाओं के आंकड़े, दर्ज मामलों की परिभाषा और उपलब्ध आधिकारिक रिकॉर्ड अलग हो सकते हैं।   हैं।
 
 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Tanuja

Related News