पाकिस्तान में दिनदहाड़े मंत्री का अपहरण; AK-47 लेकर आए नकाबपोश, बीच सड़क पर ताबड़तोड़ चलाई गोलियां
punjabkesari.in Tuesday, Sep 22, 2026 - 12:51 PM (IST)
Islamabad: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब प्रांतीय पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग मंत्री फजल शकूर खान के कथित अपहरण की खबर सामने आई। रिपोर्टों के मुताबिक, हथियारबंद नकाबपोशों ने मोटरवे पर उनकी गाड़ी को रोका और पहले टायरों पर गोलियां चलाईं। इसके बाद बंदूकधारी मंत्री को अपने साथ ले गए। बताया जा रहा है कि हमलावरों के पास स्वचालित हथियार थे और उन्होंने चेहरा ढका हुआ था। सोशल मीडिया पर सामने आए कथित वीडियो में कुछ नकाबपोश लोगों के मुख्य सड़क पर रास्ता रोकने का दृश्य दिखाई देता है। हालांकि, वीडियो और घटना से जुड़ी सभी जानकारियों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
रिपोर्टों के अनुसार, हमलावरों ने मंत्री की गाड़ी को रोकने के लिए उसके टायरों पर गोली चलाई। इसके बाद हथियारबंद लोग फजल शकूर खान को अपने साथ ले गए। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि मंत्री को किस संगठन या समूह ने कथित तौर पर अगवा किया और इसके पीछे क्या वजह या मांग है। उनकी मौजूदा स्थिति को लेकर भी आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। इसी बीच PTI के नेता और प्रांतीय विधायक शकील अहमद को भी कथित तौर पर अगवा करने की कोशिश किए जाने की खबर है। मलाकंद में उनके खिलाफ कथित कार्रवाई की खबर फैलने के बाद PTI कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ गई। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने मलाकंद में बटखेला बाईपास को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाकर विरोध किया और नारेबाजी की। PTI ने आरोप लगाया कि खैबर पख्तूनख्वा में उसके प्रांतीय नेतृत्व को निशाना बनाया जा रहा है और नेताओं को बंदूक की नोक पर अगवा करने की कोशिश हो रही है।
खैबर पख्तूनख्वा के सूचना मंत्री शफी जान ने इन घटनाओं को संविधान, कानून और जनता के जनादेश पर हमला बताया। PTI के वरिष्ठ नेताओं ने मंत्री और पार्टी नेताओं को निशाना बनाए जाने की घटनाओं पर जवाबदेही की मांग की है। पार्टी कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उसके नेताओं और मंत्रियों के खिलाफ कथित कार्रवाई तथा प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति नहीं सुधरी तो विरोध प्रदर्शन और तेज किए जाएंगे। फिलहाल फजल शकूर खान के कथित अपहरण के पीछे किसका हाथ है, उन्हें कहां ले जाया गया और उनकी स्थिति क्या है इन सवालों पर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
