ऑफ द रिकॉर्डः आखिरकार ‘भाजपा ने चिराग की लोजपा’ को राज्यसभा से बाहर किया

2020-11-28T05:37:51.797

नई दिल्लीः भाजपा हाईकमान ने लोजपा नेता चिराग पासवान को बाहर का रास्ता दिखाकर आखिरकार बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी को राज्यसभा उम्मीदवार बना दिया है। सुशील मोदी को टिकट देकर भाजपा हाईकमान ने लोजपा को स्पष्ट संदेश दिया कि उन्हें बिहार विधानसभा चुनाव में अपने आप को एन.डी.ए. से अलग नहीं करना चाहिए था। इससे नीतीश कुमार को भी खुशी होगी क्योंकि वह मोदी के लिए ताल ठोक रहे थे और उन्होंने भाजपा से कहा था कि वह लोजपा के उम्मीदवार का समर्थन करने की स्थिति में नहीं हैं। 
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जाहिर है, भाजपा कभी भी राज्यसभा सीट को खतरे में नहीं डालना चाहती थी और विनम्रता से चिराग पासवान से कहा कि इस सीट पर सुशील मोदी उम्मीदवार होंगे, उनकी मां नहीं। केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के निधन के कारण खाली हुई सीट पर उनके बेटे चिराग पासवान की अगुवाई वाली लोजपा दावा कर रही है। हालांकि लोजपा के पास 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में केवल एक विधायक है और वह बिहार में एन.डी.ए. का हिस्सा नहीं है, लेकिन दिल्ली में एन.डी.ए. के गठबंधन के रूप में लोकसभा में 6 सांसद हैं। 
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चिराग पासवान भाजपा नेतृत्व पर जोर दे रहे हैं कि उनकी पार्टी ने बिहार में भाजपा को एन.डी.ए. की एकल सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने में मदद की, जिसके चलते उन्होंने 74 सीटों पर जीत दर्ज की। चिराग पासवान का यह भी दावा है कि महागठबंधन में भाजपा के वरिष्ठ साथी की स्थापना में लोजपा की अहम भूमिका थी, इसलिए राज्यसभा सीट उनकी मां रीना पासवान को दी जाए। दूसरे, उनकी पार्टी ने भले ही केवल एक सीट जीती हो, लेकिन इसने बिहार में लगभग 6 प्रतिशत वोट हासिल किए। 
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भाजपा लोजपा को अलग नहीं कर सकती है और इस तथ्य को भाजपा प्रमुख जे.पी. नड्डा ने भी स्वीकार किया है। लेकिन आखिरकार, भाजपा ने लोजपा को टिकट देने से इन्कार कर दिया क्योंकि जून 2019 में उनके पिता का पक्ष था। वह लोकसभा चुनाव हार गए थे जिसके चलते उन्हें सीट दी गई थी। इसलिए अब भाजपा का कहना है कि यह सीट पाने के लिए लोजपा का अधिकार नहीं है। 


Pardeep

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