खतरे की घंटी! देश के इस राज्य में मिले इस खतरनाक वायरस के दो मरीज, मचा हड़कंप

punjabkesari.in Monday, Jan 12, 2026 - 11:37 PM (IST)

कोलकाताः पश्चिम बंगाल में जानलेवा निपाह वायरस के दो संदिग्ध मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग के आधिकारिक सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की वायरस रिसर्च एंड डायग्नोस्टिक लैबोरेटरी (वीआरडीएल), एम्स कल्याणी में किए गए लैब परीक्षणों के दौरान इन मामलों की पहचान हुई, जबकि संक्रमण की पुष्टि 11 जनवरी को हुई। 

मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बताया, 'दोनों नर्स उसी अस्पताल में इलाजरत हैं, जहां वे कार्यरत थीं। राज्य सरकार स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने डॉक्टरों और चिकित्सा विशेषज्ञों के साथ बैठकें की हैं और सोमवार सुबह राज्य सरकार की एक टीम ने अस्पताल का दौरा भी किया।' उन्होंने कहा कि यह पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं कि दोनों नर्सें निपाह वायरस से कैसे संक्रमित हुईं। इसके साथ ही हाल के दिनों में उनके संपकर् में आए सभी लोगों की पहचान और जांच की जा रही है। जानकारी मिली है कि दोनों नर्सें कुछ दिन पहले बर्धमान गई थीं और उन इलाकों में भी जांच की जा रही है। 

मुख्य सचिव ने आश्वासन दिया कि यह सुनिश्चित करने के लिए कड़ी सतकर्ता बरती जा रही है कि उनके संपकर् में आने से कोई और व्यक्ति संक्रमित न हो। फिलहाल उत्तर 24 परगना, पूर्व बर्धमान और नदिया जिलों में कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और जांच की जा रही है। इसमें उन स्थानों की पहचान भी शामिल है, जहां दोनों नर्सें कार्यरत थीं और जिन इलाकों में उन्होंने यात्रा की थी। राज्य सरकार ने आपात स्थिति के लिए तीन हेल्पलाइन नंबर भी सक्रिय किए हैं। वर्तमान में दोनों मरीज नर्स हैं और उत्तर 24 परगना जिले के एक निजी अस्पताल के क्रिटिकल केयर यूनिट (सीसीयू) में भर्ती हैं। 

जिला स्वास्थ्य प्रशासन के सूत्रों के अनुसार, 25 और 27 वर्ष की आयु की ये दोनों नर्सें क्रमश: पूर्व बर्धमान और पूर्व मेदिनीपुर जिलों की रहने वाली हैं और 6 जनवरी से सीसीयू में इलाजरत हैं। पश्चिम बंगाल स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा, 'निपाह वायरस एक ज़ूनोटिक बीमारी है, जिसकी मृत्यु दर काफी अधिक है और इसके तेजी से फैलने की आशंका रहती है। इसे देखते हुए राज्य स्वास्थ्य विभाग अत्यंत प्राथमिकता के साथ स्थिति को संभाल रहा है। सभी आवश्यक रोकथाम और निगरानी उपाय लागू कर दिए गए हैं।' 

राज्य सरकार की सहायता के लिए एक राष्ट्रीय संयुक्त प्रकोप प्रतिक्रिया टीम भी तैनात की गई है। इस टीम में कोलकाता स्थित ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हाइजीन एंड पब्लिक हेल्थ, पुणे का नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी), चेन्नई का नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी (एनआईई), एम्स कल्याणी और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के तहत वन्यजीव विभाग के विशेषज्ञ शामिल हैं। 

स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों ने बताया कि संदिग्ध मामलों में से एक की हालिया यात्रा नदिया जिले के घुघरागाछी इलाके में हुई थी, जो भारत-बंगलादेश सीमा के करीब स्थित है। दोनों मरीजों में शुरुआत में तेज सिरदर्द, गले में खराश, बुखार, चेतना में बदलाव और दौरे जैसे लक्षण दिखाई दिए थे। पहले उन्हें उनके संबंधित जिलों के सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया था, लेकिन हालत बिगड़ने पर उन्हें बारासात स्थित उसी निजी अस्पताल में स्थानांतरित किया गया, जहां वे कार्यरत थीं। एम्स कल्याणी की प्रयोगशाला में दोनों मरीजों के सेरेब्रोस्पाइनल फ्लूड और गले के स्वैब नमूनों में निपाह वायरस की पुष्टि हुई है। 

चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, वर्ष 2001 के बाद यह पहला मौका है जब पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के संदिग्ध मामले सामने आए हैं। निपाह वायरस (एनआईवी) मुख्य रूप से फल खाने वाले चमगादड़ों, जिन्हें फ्लाइंग फॉक्स भी कहा जाता है, के जरिए फैलता है। यह सूअरों और कुछ अन्य घरेलू जानवरों से भी मनुष्यों में फैल सकता है। इसके अलावा मानव से मानव में संक्रमण के मामले भी दर्ज किए गए हैं। यह संक्रमण गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है, जिसमें एन्सेफलाइटिस (मस्तिष्क की सूजन) शामिल है। इसकी मृत्यु दर 40 से 75 प्रतिशत तक बताई जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, फिलहाल निपाह वायरस के लिए कोई विशेष दवा या टीका उपलब्ध नहीं है। 

रोकथाम के लिए सख्त संक्रमण नियंत्रण उपाय, सुरक्षात्मक उपकरणों का उपयोग, सतहों का कीटाणुशोधन और बीमार जानवरों या प्रकोप वाले क्षेत्रों से दूर रहना बेहद आवश्यक है। हालांकि शुरुआती लक्षण गैर-विशिष्ट होने के कारण समय पर पहचान चुनौतीपूर्ण होती है, लेकिन तंत्रिका संबंधी लक्षण सामने आते ही त्वरित चिकित्सकीय हस्तक्षेप अत्यंत महत्वपूर्ण होता है


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Content Writer

Pardeep

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