फुस्स हुई ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी! भारत के साथ इन 4 देशों ने भी अमेरिका के आगे झुकने से किया इनकार
punjabkesari.in Saturday, Aug 30, 2025 - 04:49 PM (IST)

इंटरनेशनल डेस्क: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति अब उनके लिए ही सिरदर्द बन गई है। उनकी यह नीति न सिर्फ भारत के अलावा चीन, जापान, यूरोप और ब्राजील जैसे कई देशों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। इन सभी देशों ने अब अमेरिका के दबाव के आगे झुकने की बजाय एकजुट होकर उसका विरोध करने का फैसला किया है। वे नए व्यापारिक साझेदार खोज रहे हैं और अमेरिकी बाज़ार पर अपनी निर्भरता कम कर रहे हैं।
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भारत बना वैश्विक विरोध का चेहरा
ट्रंप के मनमाने टैरिफ के खिलाफ भारत वैश्विक विरोध का प्रमुख चेहरा बनकर सामने आया है। टैरिफ को लेकर भारत ने सीमा तय करते हुए साफ किया है कि वे अपने किसानों और छोटे व्यापारियों के हितों से कोई समझौता नहीं करेगा। भारत की इस मजबूती का समर्थन करते हुए ऑस्ट्रेलिया के व्यापार मंत्री डॉन फैरेल ने भी कहा कि उनकी सरकार भारत पर लगाए गए टैरिफ का समर्थन नहीं करती है।
रूस और चीन का नया मोर्चा
चीन ने भी अमेरिकी टैरिफ के आगे झुकने से इनकार कर दिया है और इस मुद्दे पर भारत के साथ खड़ा है। हाल ही में अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस के आर्कटिक LNG-2 प्लांट से निकली Liquefied Natural Gas (LNG) की पहली खेप सीधे चीन के बंदरगाह पर पहुंची है। इस कदम को अमेरिका के खिलाफ रूस और चीन का एक नया मोर्चा माना जा रहा है।
अमेरिका-जापान डील भी अटकी
ट्रंप की नीतियों के कारण अमेरिका और जापान के बीच चल रही व्यापारिक बातचीत भी रुक गई है। जापान के chief trade negotiator यॉसी अकाजावा ने अपना अमेरिकी दौरा रद्द कर दिया है। इस दौरे में जापान के $550 अरब के निवेश पैकेज पर भी हस्ताक्षर होने थे। इस घटना से जापान में अमेरिका को लेकर नाराजगी दिख रही है।
भारतीय व्यापारियों के लिए अवसर
भारत के 9 करोड़ से ज़्यादा व्यापारियों के संगठन कैट (Confederation of All India Traders) ने इस स्थिति को झटका नहीं, बल्कि भारत के लिए एक बड़ा अवसर बताया है। कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भारतीय ने सरकार से यूरोप, अफ्रीका और एशिया-प्रशांत देशों के साथ व्यापारिक समझौते तेज़ करने की अपील की है, जिससे भारतीय व्यापारियों को नए बाज़ार मिल सकें और टैरिफ का असर कम हो सके।
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भारत-चीन की दोस्ती बढ़ रही ट्रंप की चिंता
भारत और चीन के रिश्ते में सुधार हो रहा है। चीन ने कुछ प्रतिबंधों में ढील दी है, जबकि भारत ने अपने प्रतिबंध अभी तक बरकरार रखे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात से दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध और मजबूत हो सकते हैं। अमेरिका भारत और चीन की दोस्ती से चिंतित है। ट्रंप पर अपने ही देश में अर्थशास्त्रियों और डेमोक्रेट सांसदों द्वारा भी पेनल्टी टैरिफ लगाने को लेकर निशाना साधा जा रहा है।
सीतारमण ने दिया निर्यातकों को भरोसा
भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने निर्यातकों को भरोसा दिलाया है कि सरकार उन्हें पूरा समर्थन देगी और उनकी चिंताओं को दूर करेगी। उन्होंने निर्यातकों से इस मुश्किल समय में अपने कर्मचारियों की आजीविका सुनिश्चित करने का आग्रह भी किया। आरबीआई बुलेटिन में कहा गया है कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार नीतियों को लेकर बनी अनिश्चितता एक जोखिम है, लेकिन अच्छी मानसून और बेहतर फसल से मांग में तेजी आने की उम्मीद है।