ट्रंप का 90वीं बार दावाः “भारत-पाक परमाणु जंग मैने टाली, “मैं न होता तो इनके लाखों लोग बेमौत मर जाते”

punjabkesari.in Wednesday, Jan 21, 2026 - 12:10 PM (IST)

Washington: दुनिया के कई देशों का विवाद सुलझाने का दावा करने वाले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर लगता है भारत-पाकिस्तान जंग रुकवाने का हैंग ओवर खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। ट्रंप  ने एक बार फिर दावा किया है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष को रोककर संभावित परमाणु युद्ध टाल दिया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान संघर्ष को रोकने का दावा अब तक कई बार दोहराया है।  वास्तव में दूसरे कार्यकाल के दौरान लगभग 80-90 बार तक यह दावा किया गया है।

 

105 मिनट लंबे संवाददाता सम्मेलन में कई बार जिक्र
ट्रंप ने कहा कि उनके हस्तक्षेप से “लाखों लोगों की जान बची। “मैं न होता तो भारत-पाक के लाखों लोग बेमौत मर जाते”।अपने दूसरे कार्यकाल का एक वर्ष पूरा होने पर आयोजित 105 मिनट लंबे संवाददाता सम्मेलन में ट्रंप ने कहा, “भारत और पाकिस्तान वास्तव में एक-दूसरे से लड़ रहे थे। आठ विमान गिराए गए थे। मेरे हिसाब से वे परमाणु युद्ध की ओर बढ़ रहे थे।” ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने अपने पहले वर्ष में दुनिया भर में आठ ऐसे युद्ध समाप्त कराए जो वर्षों से नहीं रुक रहे थे, जिनमें कंबोडिया-थाईलैंड, कोसोवो-सर्बिया, कांगो-रवांडा और भारत-पाकिस्तान शामिल हैं।उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने उनसे मुलाकात में कहा था कि ट्रंप ने “एक करोड़ से ज्यादा लोगों की जान बचाई।” ट्रंप ने जोड़ा कि भारत और पाकिस्तान दोनों परमाणु संपन्न देश हैं और युद्ध की स्थिति बेहद खतरनाक हो सकती थी।

 

ट्रंप कितनी बार कर चुके ये दावा
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट और सार्वजनिक बयानों में भारत-पाक रिश्तों में तनाव रुकवाने का दावा लगभग 80 बार तक दोहराया है। कुछ रिपोर्टों में यह संख्या करीब 90 बार तक पहुंचने का जिक्र भी है, खासकर साल भर के दौरान विभिन्न मंचों पर इसे दोहराए जाने के संदर्भ में।  यह दावा ट्रंप ने पहली बार 10 मई 2025 को सोशल मीडिया पर किया था और उसके बाद लगातार कई भाषणों, इंटरव्यू और प्रेस वार्ताओं में वहीं बात दोहराई है। उन्होंने यह दावा अलग-अलग इंटरव्यू और प्रेस ब्रीफिंग में बार-बार दोहराया  जैसे कि व्यापार प्रतिबंध की धमकी से सीज़फायर करवाया।


  
भारत का स्पष्ट रुख
भारत सरकार ने कई बार स्पष्ट किया कि इस समझौते में किसी तृतीय पक्ष की ‘मध्यस्थता’ नहीं हुई। सीमा संघर्ष को सीधे बातचीत से रुका गया, जैसा कि दोनों देशों के सैन्य जनरलों के बीच डायलॉग हुआ।  ट्रंप के दावे का विश्लेषण और आलोचना भी मीडिया और विशेषज्ञों द्वारा किया गया है, जिसमें कहा गया है कि बयान “अतिशयोक्ति” या राजनीतिक बयानबाज़ी अधिक है। 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Tanuja

Related News