ओमीक्रोन के मरीजों की कुल संख्या 138 : तेलंगाना, महाराष्ट्र, केरल से आए कुछ और मामले

punjabkesari.in Sunday, Dec 19, 2021 - 07:18 AM (IST)

नई दिल्ली/मुंबईः भारत में कोरोना वायरस के स्वरूप ओमीक्रोन से संक्रमित कुल मरीजों की संख्या शनिवार को 138 हो गई है। तेलंगाना से 12, कर्नाटक से छह, केरल से चार मामले आए जबकि महाराष्ट्र में तीन और मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई। केंद्र और राज्य के अधिकारियों के अनुसार अब तक 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में महाराष्ट्र (43), दिल्ली (22), राजस्थान (17) और कर्नाटक (14), तेलंगाना (20), गुजरात (7), केरल (11), आंध्र प्रदेश (1), चंडीगढ़ (1), तमिलनाडु (1) और पश्चिम बंगाल (1) में ओमीक्रोन के मामले आए हैं। तेलंगाना में ओमीक्रोन के 12 और नए मामले आने से नए स्वरूप से संक्रमितों की संख्या 20 हो गई है। 

तेलंगाना के स्वास्थ्य विभाग के एक बुलेटिन में बताया गया कि 12 नए मरीजों में से दो लोग केंद्र द्वारा घोषित ‘जोखिम वाले देशों' से आए थे जबकि 10 लोग दूसरे देशों से आए थे। तीन मरीजों के नमूनों की रिपोर्ट का इंतजार है। कर्नाटक में ओमीक्रोन स्वरूप के छह और मामले सामने आए हैं। संक्रमण के छह मामलों में से पांच मामले दक्षिण कन्नड़ जिले के दो शैक्षणिक संस्थानों में सामने आए। राज्य में अब ओमीक्रोन के मामलों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है। 

कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री के. सुधाकर ने ट्वीट किया, ‘‘आज दक्षिण कन्नड़ में दो शैक्षणिक संस्थानों से कोविड के दो क्लस्टरों ​​की सूचना मिली है: क्लस्टर एक: 14 मामले (जिनमें से चार ओमीक्रोन के हैं)। क्लस्टर दो: 19 मामले (एक ओमीक्रोन का है)। ब्रिटेन का एक यात्री भी ओमीक्रोन से संक्रमित पाया गया है।''

केरल में ओमीक्रोन संक्रमण के चार और मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 11 हो गई। तिरुवनतंपुरम में कोरोना वायरस के इस स्वरूप से दो लोग संक्रमित मिले। इनमें से एक की आयु 17 और दूसरे की 44 वर्ष है। मलप्पुरम में 37 वर्षीय व्यक्ति जबकि त्रिशूर में 49 वर्ष का व्यक्ति संक्रमित पाया गया। केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज ने एक विज्ञप्ति में कहा, ‘‘'तिरुवनंतपुरम में संक्रमित पाया गया 17 वर्षीय व्यक्ति ब्रिटेन से आया था, जबकि 44 वर्षीय व्यक्ति चार्टर्ड फ्लाइट के जरिये ट्यूनीशिया से आया था। मलप्पुरम में मिला मरीज तंजानिया से आया था, जबकि त्रिशूर का मूल निवासी केन्या से आया था।'' 

अधिकारियों ने बताया कि युगांडा से पश्चिमी महाराष्ट्र के सातारा लौटे पति-पत्नी और उनकी 13 साल की बेटी कोरोना वायरस के ओमीक्रोन स्वरूप से संक्रमित पाई गई है। महाराष्ट्र के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि दंपति की पांच साल की एक और बेटी कोरोना वायरस से संक्रमित पाई गई है, लेकिन उसमें ओमीक्रोन संक्रमण नहीं मिला है। सभी चारों लोग नौ दिसंबर को अफ्रीकी देश युगांडा से सातारा जिले के फलटण लौटे थे। ओमीक्रोन के प्रकोप के मद्देनजर जिला अधिकारियों ने उनका पता लगाकर उनकी आरटी-पीसीआर जांच कराई। 

सिविल सर्जन डॉक्टर सुभाष चव्हाण ने बताया कि 35 वर्षीय पति, 33 वर्षीय पत्नी और उनकी 13 वर्षीय बेटी कोरोना वायरस से संक्रमित गई थी जबकि छोटी बेटी की रिपोर्ट स्पष्ट नहीं थी। इसके बाद चारों के नमूनों को जीनोम अनुक्रमण के लिये राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान (एनआईवी) संस्थान भेजा गया था। संक्रमण के प्रसार के मद्देनजर केंद्र ने लोगों को गैर-जरूरी यात्रा और सामूहिक समारोहों से बचने तथा बड़े स्तर पर नए साल का जश्न नहीं मनाने की सलाह दी है। दक्षिण अफ्रीका में 24 नवंबर को पहली बार ओमीक्रोन का मामला सामने आने के बाद भारत में सबसे पहले कर्नाटक में दो दिसंबर को ओमीक्रोन के दो मामलों की पुष्टि हुई थी। 

दिल्ली में शनिवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 86 नए मामले सामने आए, जो पांच से अधिक महीने में एक दिन में सर्वाधिक संख्या है। इसी के साथ संक्रमण दर 0.13 प्रतिशत रही। संक्रमण से मौत का कोई नया मामला सामने नहीं आया। इससे पहले, दिल्ली में आठ जुलाई को कोरोना वायरस संक्रमण के 93 नए मामले सामने आए थे। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को कहा कि दिल्ली सरकार कोविड के ओमीक्रोन स्वरूप से निपटने के लिए तैयार है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। अन्य राज्यों ने भी कहा कि वे ओमीक्रोन के मामलों में संभावित वृद्धि से निपटने के लिए तैयारी कर रहे हैं। 

ओडिशा के जन स्वास्थ्य निदेशक निरंजन मिश्रा ने कहा कि राज्य ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त संख्या में अस्पताल के बिस्तर, मेडिकल ऑक्सीजन और दवाओं की व्यवस्था की है। ओडिशा में अब तक ओमीक्रोन का कोई मामला नहीं आया है। 

ओमीक्रोन स्वरूप के संबंध में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने शनिवार को इसे फैलने से रोकने के लिए जन स्वास्थ्य सुविधाओं एवं सामाजिक उपाय तत्काल बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। डब्ल्यूएचओ दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र की क्षेत्रीय निदेशक पूनम खेत्रपाल सिंह ने कहा कि देश ठोस स्वास्थ्य एवं सामाजिक उपायों से ओमीक्रोन को फैलने से रोक सकते हैं। उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘हमारा ध्यान सबसे अधिक जोखिम वाले लोगों की सुरक्षा पर केंद्रित रहना चाहिए।'' 


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Pardeep

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