Heart Attack 48 Hours Before: हार्ट अटैक आने से 48 घंटे पहले ही मिलने लगते हैं ये संकेत, नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी

punjabkesari.in Thursday, Feb 12, 2026 - 03:52 PM (IST)

नेशनल डेस्क: दिल का दौरा अक्सर एक अचानक होने वाली घटना माना जाता है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि शरीर इससे पहले कई संकेत देने लगता है। बड़े हार्ट अटैक से 24 से 48 घंटे पहले तक कुछ चेतावनी लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इस समय को मेडिकल भाषा में “प्रोड्रोमल विंडो” कहा जाता है। दुर्भाग्य से ज्यादातर लोग इस दौरान महसूस होने वाले संकेतों को सामान्य थकान, गैस या एसिडिटी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। डॉक्टरों के अनुसार, इस चरण में दिल तक खून की आपूर्ति प्रभावित होने लगती है और दिल पर दबाव बढ़ता है, हालांकि पूरी तरह से ब्लॉकेज नहीं हुआ होता। यदि इसी समय मरीज डॉक्टर से संपर्क कर ले, तो गंभीर नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता है।

अचानक और असामान्य थकान हो सकती है पहला संकेत
हार्ट अटैक से पहले दिखाई देने वाले शुरुआती लक्षणों में अचानक और असामान्य थकान शामिल है। यह सामान्य दिनभर की थकावट जैसी नहीं होती। कई मरीज बताते हैं कि हल्की-सी गतिविधि, जैसे कुछ कदम चलना या रोजमर्रा का छोटा काम करना भी उन्हें बेहद थका देता है। बिना किसी स्पष्ट कारण के शरीर में कमजोरी और ऊर्जा की कमी महसूस होना चेतावनी का संकेत हो सकता है।


सीने में दबाव, भारीपन या जलन को नजरअंदाज न करें
हार्ट अटैक से पहले होने वाला सीने का दर्द हमेशा तेज या चुभने वाला नहीं होता। कई बार यह दबाव, जकड़न, भारीपन या हल्की जलन के रूप में महसूस होता है। कुछ मामलों में आराम करने पर यह अस्थायी रूप से ठीक भी हो जाता है, जिससे लोग इसे एसिडिटी या मांसपेशियों के खिंचाव की समस्या समझ लेते हैं। यही लापरवाही आगे चलकर गंभीर रूप ले सकती है।


सांस लेने में दिक्कत भी हो सकती है चेतावनी
यदि आराम की स्थिति में भी सांस लेने में परेशानी होने लगे, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। यह संकेत हो सकता है कि दिल शरीर तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंचा पा रहा है। खासकर जब सांस फूलने की समस्या अचानक शुरू हो और उसके साथ थकान या सीने में तकलीफ भी महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।


दर्द का फैलना और अन्य लक्षण
हार्ट अटैक का दर्द हमेशा सिर्फ सीने तक सीमित नहीं रहता। यह बाएं हाथ, कंधे, गर्दन, जबड़े, ऊपरी पीठ या पेट के ऊपरी हिस्से तक फैल सकता है। महिलाओं, बुजुर्गों और डायबिटीज के मरीजों में ये लक्षण अलग तरीके से और अधिक हल्के रूप में दिखाई दे सकते हैं, जिससे पहचान में देरी हो जाती है। इसके अलावा अचानक ठंडा पसीना आना, चक्कर आना, मतली महसूस होना या बिना कारण घबराहट होना भी खतरे के संकेत हो सकते हैं। कई मरीज बताते हैं कि उन्हें अचानक ऐसा महसूस होता है जैसे कुछ गंभीर होने वाला है। शरीर की इस चेतावनी को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।


समय पर पहचान से बच सकती है जान
विशेषज्ञों का कहना है कि हार्ट अटैक से पहले मिलने वाले संकेतों को समझना और समय रहते डॉक्टर से संपर्क करना बेहद जरूरी है। शुरुआती लक्षणों को पहचानकर सही इलाज शुरू किया जाए तो गंभीर जटिलताओं और जान के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।


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Content Editor

Mansa Devi

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