लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर नहीं लगेगा टोल, बार-बार धंसने के बाद NHAI ने लिया बड़ा फैसला
punjabkesari.in Wednesday, Aug 05, 2026 - 10:02 PM (IST)
नेशनल डेस्कः भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने बुधवार को कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत पूरी होने तक टोल वसूली निलंबित कर दी है। इसके साथ ही परियोजना निष्पादन और पर्यवेक्षण में कथित लापरवाही को लेकर निर्माण करने वाली कंपनी, इंजीनियर और कई अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई है।
गौरतलब है कि 63 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 13 जुलाई को हुआ था और महज कुछ ही सप्ताह के भीतर कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हिस्सों और पैचवर्क की व्यापक शिकायतें सामने आ गईं। कई यात्रियों ने सोशल मीडिया मंच पर वीडियो पोस्ट कर इस कई करोड़ रुपये के एक्सप्रेसवे की निर्माण गुणवत्ता पर गहरी चिंता व्यक्त की थी। एक्सप्रेसवे पर कार, जीप, वैन के लिए एक तरफ का टोल शुल्क 275 रुपये लिया जा रहा था। हालांकि, टोल पर वार्षिक पास की अनुमति थी।
एक्सप्रेसवे पर यात्रियों से कोई टोल नहीं वसूला जाएगाः NHAI
एनएचएआई ने बुधवार को जारी एक बयान में कहा, ''पूरी तरह से सुधार होने तक टोल निलंबित कर दिया गया है। इस एक्सप्रेसवे पर यात्रियों से कोई टोल नहीं वसूला जाएगा। टोल के नुकसान की भरपाई रियायती (निर्माणकर्ता कंपनी) से की जाएगी।'' बयान में आगे कहा गया कि यह कार्रवाई 26 जुलाई को एक्सप्रेसवे के किलोमीटर 64 के पास हुए सड़क धंसने की खबर के बाद हुई है।
घटना के तुरंत बाद मरम्मत का काम शुरू
प्राधिकरण ने बताया कि घटना के तुरंत बाद मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है। एनएचएआई ने कहा प्रभावित स्थान पर यातायात को 'डायवर्ट' कर दिया गया है और आवाजाही सुचारू रूप से चल रही है। एनएचएआई ने कहा कि उसने निर्माणकर्ता कंपनी पीएनसी इन्फ्राटेक लिमिटेड को 'गैर-निष्पादक' घोषित करने का प्रस्ताव देते हुए नोटिस जारी किया है, जिससे वह भविष्य की एनएचएआई परियोजनाओं के लिए बोली लगाने के लिए अयोग्य हो जाएगी। इसके अलावा कंपनी पर प्रदर्शन गारंटी के दो प्रतिशत के बराबर जुर्माना लगाने, फर्म के राजमार्ग प्रमुख और अन्य जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ तीन साल तक के लिए प्रतिबंध तथा निर्माणकर्ता की प्रदर्शन रेटिंग घटाने का प्रस्ताव करते हुए कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है।
प्राधिकरण ने कहा कि निर्माणकर्ता को प्रभावित हिस्से की मरम्मत अपने खर्च पर करने का निर्देश दिया गया है, जिसकी लागत इस समय लगभग तीन करोड़ रुपये अनुमानित है। एनएचएआई ने निर्माण एजेंसी के परियोजना प्रबंधक विवेक कुमार गुप्ता, स्वतंत्र इंजीनियर सुरेंद्र कुमार और आवासीय इंजीनियर यतेंद्र कुमार को परियोजना से हटा दिया है तथा उन्हें सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, एनएचएआई और एनएचआईडीसीएल की परियोजनाओं से दो साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया है। प्राधिकरण ने मौजूदा परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा को उनके मूल विभाग में वापस भेज दिया है और कहा है कि कथित लापरवाही को लेकर उनके और पूर्व परियोजना निदेशक सौरभ चौरसिया के खिलाफ आरोप पत्र जारी किए जा रहे हैं। एनएचएआई ने कहा कि वह परियोजना के स्वतंत्र इंजीनियर थीम इंजीनियरिंग सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को भविष्य में एनएचएआई परियोजनाओं में भाग लेने से प्रतिबंधित करने के लिए नोटिस भी जारी कर रहा है।
