राफेल के साथ जुड़ गया कश्मीर के इस जांबाज का नाम, पूरा देश कर रहा गर्व
punjabkesari.in Wednesday, Jul 29, 2020 - 10:19 AM (IST)
नेशनल डेस्क: आज भारत के लिए ऐतिहासिक दिन है। सालों का लंबा इंतजार आखिरकार खत्म होने जा रहा है। कुछ ही देर में राफेल लड़ाकू विमान देश की धरती पर उतरने वाला है। इस सब के बीच जो एक नाम चर्चा में बना हुआ है वो है कश्मीर के निवासी हिलाल अहमद राठेर का। इन पर कश्मीर ही नहीं बल्कि पूरा देश गर्व कर रहा है।

बता दें कि अहमद राठेर भारतीय सेना के वो पायलट है जिन्होंने सबसे पहले राफेल पर उड़ान भरी है। जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के रहने वाले हिलाल ने ही सोमवार को राफेल की पहली खेप को फ्रांस से भारत के लिए विदा किया था। दरअसल वह फ्रांस में भारत के एयर अटैच के पद पर तैनात हैं। उन्होंने न केवल राफेल की वक्त पर डिलीवरी सुनिश्चित की बल्कि इसमें भारत की जरूरतों के मुताबिक किन-किन हथियारों को लगाया जाए, यह तय करने में भी अहम भूमिका निभाई।

मध्यवर्गीय परिवार में हुआ जन्म
- हिलाल का जन्म मध्यवर्गीय परिवार में हुआ था।
- उनके पिता मरहूम मोहम्मद अब्दुल्ला जम्मू-कश्मीर पुलिस डिपार्टमेंट से बतौर डेप्युटी एसपी रिटायर हुए थे।
- हिलाल अहमद राठेर ने जम्मू जिले के नगरोता टाउन स्थित सैनिक स्कूल से पढ़ाई की।
- उन्होंने डिफेंस सर्विस स्टाफ कॉलेज (DSSC) से ग्रैजुएशन डिग्री ली।
- वह अमेरिका के एयर वॉर कॉलेज से ग्रैजुएट हैं।
- नैशनल डिफेंस अकैडमी (NDA) में उन्होंने 'सॉर्ड ऑफ ऑनर' हासिल किया।

हिलाल को मिल चुके हैं कई मेडल
- हिलाल 17 दिसंबर 1988 को भारतीय वायुसेना में फायटर पायलट के तौर पर कमीशन हुए थे।
- वो 1993 में फ्लाइट लेफ्टिनेंट बने और साल 2004 में ग्रुप कमांडर।
- 2016 में उन्हें ग्रुप कैप्टन बनाया गया और 2019 में वो एयर कोमोडोर के पद पर पहुंचे।
- हिलाल को वायु सेना मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल मिल चुके हैं।
- मिराज-2000, मिग-21 और किरण एयरक्राफ्ट पर उड़ान के दौरान हिलाल ने अब तक तकरीबन 3000 घंटे गुजारे हैं।
- अब राफेल विमान के साथ हिलाल का नाम ऐतिहासिक तौर पर जुड़ गया है।
