कर्तव्य के आगे छोटा पड़ा पिता की मौत का गम: बेटी ने वर्दी पहनकर पूरा किया पापा का सपना

punjabkesari.in Sunday, Apr 26, 2026 - 09:11 PM (IST)

नेशनल डेस्कः उत्तर प्रदेश पुलिस की पासिंग आउट परेड के दौरान साहस और कर्तव्यनिष्ठा की एक ऐसी मिसाल देखने को मिली, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। सहारनपुर की बहादुर बेटी आस्था ने अपने पिता के निधन के महज दो दिन बाद परेड कमांडर के रूप में नेतृत्व कर अपने पिता के सपने को पूरा किया।

दो दिन पहले उठी पिता की अर्थी, फिर भी नहीं डगमगाया हौसला
सहारनपुर जिले के ग्राम ब्राह्मण मझरा की रहने वाली आस्था के पिता राजवीर सिंह एक मजदूर थे, जिन्होंने कड़े संघर्षों के बीच अपनी बेटी को पुलिस सेवा के काबिल बनाया। उनका सपना था कि वे अपनी बेटी को खाकी वर्दी में देश की सेवा करते देखें। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था; जिस परेड का उन्हें वर्षों से इंतजार था, उससे ठीक दो दिन पहले 24 अप्रैल को उनका निधन हो गया। घर में मातम का माहौल था, लेकिन आस्था ने अपने व्यक्तिगत दुख को किनारे रखकर अपने पिता की सीख और कर्तव्य को सर्वोपरि रखा।

परेड कमांडर के रूप में किया शानदार नेतृत्व
रविवार को जब रामपुर पुलिस लाइन में दीक्षांत समारोह शुरू हुआ, तो आस्था परेड कमांडर के रूप में अपनी टुकड़ी का सधी हुई चाल और बुलंद आवाज के साथ नेतृत्व करती नजर आईं। उनके इस अदम्य साहस को देखकर मुख्य अतिथि संयुक्त पुलिस आयुक्त अपर्णा कुमार समेत वहां मौजूद सभी अधिकारियों ने उन्हें सलाम किया।

परिजनों ने बढ़ाया साहस
इस भावुक क्षण में आस्था को हिम्मत देने के लिए उनके भाई पियूष, वैभव और भाभी प्रिया भी मौजूद थे। भाइयों ने बताया कि पिता हमेशा आस्था को वर्दी में देखना चाहते थे। पिता के जाने के बाद आस्था पूरी तरह टूट चुकी थी, लेकिन पिता के अधूरे सपने को पूरा करने के जुनून ने उसे मैदान में उतरने की शक्ति दी।

आस्था के शब्द इस वीरता की कहानी को बयां करते हैं: "पिता का सपना था कि उनकी बेटी खाकी वर्दी पहनकर देश की सेवा करे। वे आज नहीं हैं, लेकिन उनकी सीख और मेरा कर्तव्य ही मेरी ताकत है"।


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Content Writer

Pardeep

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