सावधान लव बर्ड्स: पार्टनर के साथ Live-in का है प्लान? तो पहले जान लें इस राज्य का नया नियम, नहीं तो होगी जेल
punjabkesari.in Thursday, Jul 16, 2026 - 02:01 PM (IST)
Madhya Pradesh Uniform Civil Code Draft : मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। यूसीसी के तैयार किए गए अंतिम ड्राफ्ट में Live-in Relationship और पैतृक संपत्ति के उत्तराधिकार को लेकर कई बड़े और कड़े बदलाव प्रस्तावित किए गए हैं। इस नए कानून के तहत अब बिना रजिस्ट्रेशन के लिव-इन में रहना कानूनी रूप से अपराध माना जाएगा और इसके लिए सीधे जेल की सजा का प्रावधान किया गया है। इस ऐतिहासिक बिल के मसौदे पर अंतिम मुहर लगाने के लिए 19 जुलाई 2026 को जगदीशपुर किले में एक विशेष कैबिनेट बैठक बुलाई गई है जिसके बाद इसे विधानसभा के मानसून सत्र में पेश किया जाएगा।

मध्य प्रदेश यूसीसी के इस नए मसौदे में लिव-इन जोड़ों के लिए कई तरह के कड़े दिशा-निर्देश तय किए गए हैं:
Registration अनिवार्य
अब किसी भी जोड़े को लिव-इन रिलेशनशिप में रहने के लिए संबंधित जिले के सरकारी रजिस्ट्रार के पास जाकर औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी और रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसी तरह यदि कोई जोड़ा अपनी मर्जी से अलग होना चाहता है (रिश्ता खत्म करना चाहता है) तो उन्हें रजिस्ट्रार के पास जाकर इसे औपचारिक रूप से कैंसिल भी कराना होगा।
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जेल की सजा का प्रावधान
यदि कोई जोड़ा बिना रजिस्ट्रेशन चोरी-छिपे लिव-इन रिलेशनशिप में रहता है तो पकड़े जाने पर उन्हें अधिकतम तीन महीने तक की जेल की सजा या जुर्माना भुगतना पड़ सकता है।

माता-पिता और पुलिस को देनी होगी सूचना
समाज में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कानून के तहत लिव-इन में रहने वाले युवाओं के माता-पिता या अभिभावकों को उनके इस फैसले की औपचारिक जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही स्थानीय पुलिस थानों को भी अपने इलाके में रहने वाले सभी पंजीकृत लिव-इन कपल्स का पूरा रिकॉर्ड रखना होगा।

मकान मालिक और पड़ोसियों को अधिकार
यदि किसी किराए के मकान या मोहल्ले में कोई जोड़ा बिना रजिस्ट्रेशन के लिव-इन में रह रहा है तो मकान मालिक या आस-पास के पड़ोसी पुलिस या रजिस्ट्रार के पास इसकी शिकायत दर्ज करा सकेंगे।

महिला को मिलेगा गुजारा भत्ता
महिला सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ड्राफ्ट में प्रावधान है कि यदि कोई पुरुष अपनी लिव-इन पार्टनर (महिला) को धोखा देता है या छोड़ता है, तो वह कानूनी तौर पर उस महिला को गुजारा भत्ता (Maintenance) देने के लिए उत्तरदायी होगा।
