Alchohol Price : इस राज्य में महंगी हो जाएगी शराब, जानें कब से लागू होगी नई कीमतें

punjabkesari.in Saturday, Feb 14, 2026 - 06:51 PM (IST)

नेशनल डेस्क : उत्तर प्रदेश में नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ ही शराब प्रेमियों को बड़ा झटका लगने वाला है। राज्य सरकार ने 2026-27 के लिए नई आबकारी नीति को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत देसी शराब, अंग्रेजी शराब और बीयर की कीमतों में बदलाव तय है। 1 अप्रैल से लागू होने वाली इस नीति का सीधा असर नोएडा, गाजियाबाद, लखनऊ, आगरा, मेरठ समेत पूरे प्रदेश में दिखाई देगा। सरकार का लक्ष्य इस नई व्यवस्था के जरिए 71,278 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाना है। ऐसे में साफ है कि आने वाले दिनों में शराब खरीदना पहले से थोड़ा महंगा साबित हो सकता है।

नई आबकारी नीति: क्या-क्या बदला?

नई नीति में कुछ अहम बदलाव किए गए हैं।

  • शराब की दुकानें पहले की तरह सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक खुलेंगी।
  • दुकानों का आवंटन अब ई-लॉटरी सिस्टम से होगा, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी।
  • 42.8% v/v अल्कोहल वाली शराब के लिए 100 ml का नया पैक बाजार में लाया जाएगा।
  • संशोधित दरें 1 अप्रैल से प्रभावी होंगी।

सरकार का दावा है कि इन बदलावों से सिस्टम अधिक पारदर्शी होगा और राजस्व संग्रह बेहतर तरीके से हो सकेगा।

देसी शराब के दाम में सीधी बढ़ोतरी

देसी शराब और यूपी मेड लिकर (UPML) के दाम अब राउंड फिगर में तय किए जाएंगे। नई व्यवस्था के अनुसार MRP को अगले 10 रुपये के मल्टीपल में राउंड अप किया जाएगा (25% v/v स्ट्रेंथ को छोड़कर)। उदाहरण के तौर पर 36% अल्कोहल वाली देसी शराब की बोतल, जो अब तक 165 रुपये में मिलती थी, उसकी कीमत बढ़ाकर 173 रुपये कर दी गई है। कुल मिलाकर प्रति बोतल 5 से 8 रुपये तक की बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।

अंग्रेजी शराब: लाइसेंस फीस बढ़ी, रेट भी बढ़ सकते हैं

इंडियन मेड फॉरेन लिकर (IMFL) पर स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी में हल्की बढ़ोतरी की गई है। साथ ही अंग्रेजी शराब की दुकानों की लाइसेंस फीस में 7.5% इजाफा किया गया है। हालांकि सरकार ने सीधे तौर पर MRP बढ़ाने की घोषणा नहीं की है, लेकिन लाइसेंस फीस बढ़ने के कारण रिटेलर्स कीमतों में कुछ बढ़ोतरी कर सकते हैं। भांग की दुकानों की लाइसेंस फीस में भी 10% वृद्धि की गई है।

बीयर और वाइन के लिए नई व्यवस्था

नोएडा (गौतम बुद्ध नगर), गाजियाबाद, लखनऊ और वाराणसी जैसे बड़े शहरों में बीयर, वाइन और रेडी-टू-ड्रिंक (RTD) पेय पदार्थों के लिए अलग ‘लो-अल्कोहल प्रीमियम रिटेल वेंड्स’ खोलने की अनुमति दी गई है। स्टैंडर्ड वाइन पर एक्साइज ड्यूटी को तर्कसंगत बनाया गया है, जिससे इसकी कीमतों में कुछ राहत मिल सकती है। वहीं फोर्टिफाइड वाइन पर अतिरिक्त लेवी लगाने का फैसला लिया गया है, जिससे वह महंगी हो सकती है।


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News Editor

Parveen Kumar

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