Youtube Down: यूट्यूब की सर्विस अचानक से भारत समेत कई देशों में ठप, करोड़ों यूजर्स परेशान, घंटों बाद फिर बहाल
punjabkesari.in Wednesday, Feb 18, 2026 - 08:28 AM (IST)
नेशनल डेस्क: इंटरनेट की दुनिया के सबसे बड़े वीडियो प्लेटफॉर्म यूट्यूब के अचानक बंद होने से आज दुनिया भर में हड़कंप मच गया। सुबह-सुबह जब लोगों ने अपना पसंदीदा संगीत सुनने या काम की वीडियो देखने के लिए ऐप खोला, तो उन्हें निराशा हाथ लगी। यह तकनीकी खराबी इतनी बड़ी थी कि भारत से लेकर अमेरिका और ब्रिटेन तक, करोड़ों यूजर्स डिजिटल दुनिया से कटे हुए महसूस करने लगे। फिलहाल राहत की बात यह है कि सर्वर अब पूरी तरह ठीक है और लोग बिना किसी रुकावट के अपने पसंदीदा वीडियो देख पा रहे हैं।
स्क्रीन पर वीडियो की जगह 'Something went wrong' का एरर मैसेज आने लगा। घंटों तक चली इस तकनीकी खींचतान और सोशल मीडिया पर मचे हाहाकार के बाद आखिरकार गूगल के इस प्लेटफॉर्म ने फिर से रफ्तार पकड़ ली है और youtube फिर से पहले की तरह काम कर रहा है।
आउटेज का पूरा घटनाक्रम
बता दें कि 18 फरवरी की सुबह जैसे ही यूट्यूब का सर्वर डाउन हुआ, देखते ही देखते माइक्रो-ब्लॉगिंग साइट X (ट्विटर) पर शिकायतों का सैलाब आ गया। #YouTubeDown टॉप ट्रेंड्स में शुमार हो गया। यूजर्स न तो ऐप एक्सेस कर पा रहे थे और न ही वेबसाइट के जरिए कंटेंट देख पा रहे थे। यूट्यूब की तकनीकी टीम ने भी सक्रियता दिखाते हुए X पर स्वीकार किया कि समस्या गंभीर है और उनकी टीम इसे सुलझाने में जुटी है। काफी मशक्कत के बाद अब सेवाएं पूरी तरह बहाल कर दी गई हैं।
If you’re having trouble accessing YouTube right now, you’re not alone — our teams are looking into this and will follow up here with updates: https://t.co/7iTU5S9AgT
— TeamYouTube (@TeamYouTube) February 18, 2026
सर्वर अब पूरी तरह ठीक
डाउन डिटेक्टर की रिपोर्ट के मुताबिक, यह समस्या किसी एक देश तक सीमित नहीं थी बल्कि एक वैश्विक संकट था। अमेरिका में जहां लगभग 2.83 लाख से अधिक लोगों ने इसकी शिकायत दर्ज कराई, वहीं भारत में भी 18,000 से ज्यादा यूजर्स ने आधिकारिक तौर पर समस्या की रिपोर्ट की। भारत में प्रभावित होने वाले लोगों में से 74 प्रतिशत ऐसे थे जो मोबाइल ऐप का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे थे, जबकि बाकी यूजर्स को स्ट्रीमिंग और वेबसाइट लोडिंग में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
youtube सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि आज के दौर में यह शिक्षा और सूचना का एक अनिवार्य हिस्सा बन चुका है। स्टूडेंट्स की पढ़ाई से लेकर ऑफिस के काम और ट्यूटोरियल्स तक, सब कुछ ठप होने से लोगों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। फिलहाल, पूरी दुनिया इस डिजिटल ब्लैकआउट के खत्म होने का इंतजार कर रही है।
