सूरत के कॉम्प्लेक्स में -3 बेसमेंट में अटकी लिफ्ट, न मोबाइल नेटवर्क, न अलार्म, 45 मिनट तक तड़पते रहे 7 लोग
punjabkesari.in Saturday, Jun 06, 2026 - 04:28 PM (IST)
Surat Lift Incident : गुजरात के सूरत शहर से एक बेहद डरा देने वाली और सांसें अटका देने वाली घटना सामने आई है। यहां के पॉश इलाके वेसू (Vesu) में स्थित 'गैलोपिट कमर्शियल कॉम्प्लेक्स' (Gallopit Commercial Complex) की एक लिफ्ट अचानक तकनीकी खराबी के चलते बीच में ही ठप हो गई।
इस बड़े हादसे के कारण एक 7 साल के मासूम बच्चे सहित कुल 7 लोग करीब 45 मिनट तक मौत और जिंदगी के बीच जूझते रहे। अंधेरे और दम घोटने वाले माहौल के बीच फंसे लोग मदद के लिए चीखते रहे लेकिन बेसमेंट में होने के कारण उनकी आवाज बाहर नहीं आ पा रही थी।
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वहीं चश्मदीदों और पीड़ित परिवारों से मिली जानकारी के मुताबिक यह हादसा कैनाल रोड पर बने कॉम्प्लेक्स में हुआ। लिफ्ट सामान्य रूप से नीचे की तरफ जा रही थी। जैसे ही वह माइनस-थ्री (-3) यानी तीसरे बेसमेंट लेवल पर पहुंची तभी एक जोरदार झटका लगा और लिफ्ट अचानक रुक गई।
लिफ्ट रुकते ही उसके अंदर का वेंटिलेशन सिस्टम (हवा आने का रास्ता), पंखे और लाइट पूरी तरह बंद हो गए। पल भर में पूरी लिफ्ट के अंदर घाघ अंधेरा छा गया और लोगों का दम घुटने लगा।
🚨 Scary moments in Surat!
— sunil kumar rana (@1984sunil) June 5, 2026
A lift malfunction in Vesu's Gallopin Complex trapped 5 people, including a 7-year-old child. Thankfully, firefighters arrived quickly and rescued everyone safely. 🙏
A reminder that regular lift maintenance can save lives.
🎥 Video credit:… pic.twitter.com/QadIj87kGd
लिफ्ट के भीतर फंसे लोगों के लिए वो 45 मिनट किसी नरक से कम नहीं थे क्योंकि मदद बुलाने के सारे रास्ते बंद हो चुके थे। लिफ्ट जमीन से तीन मंजिल नीचे (बेसमेंट) में अटकी थी जिसके कारण सभी के मोबाइल फोन के नेटवर्क पूरी तरह गायब हो गए। कोई भी अपने परिजनों या फायर ब्रिगेड को फोन नहीं कर पा रहा था। लिफ्ट के अंदर लगा इमरजेंसी अलार्म बेल (खतरे का बटन) भी तकनीकी खराबी के कारण काम नहीं कर रहा था जिससे कॉम्प्लेक्स के गार्ड्स को भी हादसे की भनक नहीं लगी।
काफी देर तक जब लिफ्ट ऊपर नहीं आई तब कॉम्प्लेक्स के मेंटेनेंस स्टाफ और सुरक्षाकर्मियों को कुछ गड़बड़ी का अहसास हुआ। आनन-फानन में लिफ्ट तकनीशियनों (Technicians) को बुलाया गया। भारी मशक्कत और कड़ी मेहनत के बाद लिफ्ट के दरवाजे को कटर और चाबी की मदद से खोला गया।
करीब पौने एक घंटे तक बिना हवा और रोशनी के तड़प रहे 7 साल के बच्चे और अन्य 6 लोगों को जब बाहर निकाला गया तब तक उनकी हालत पसीने से तर-बतर और बेहद खराब हो चुकी थी।
गनीमत यह रही कि समय रहते सबको सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और कोई बड़ी अनहोनी नहीं हुई। स्थानीय लोगों ने कॉम्प्लेक्स प्रशासन के खिलाफ मेंटेनेंस में लापरवाही बरतने को लेकर भारी नाराजगी जताई है।
