NIT जालंधर में आपातकालीन तैयारी पर एसटीसी अंतिम चरण में
punjabkesari.in Monday, Mar 23, 2026 - 08:17 PM (IST)
नेशनल डेस्क : डॉ. बी. आर. अंबेडकर राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT), जालंधर में आयोजित पाँच दिवसीय शॉर्ट टर्म कोर्स (STC) ऑन इमरजेंसी प्रिपेयर्डनेस ने सफलतापूर्वक चार दिन पूर्ण कर लिए हैं और अब अपने अंतिम दिवस में प्रवेश कर चुका है।
यह कार्यक्रम डॉ. बी. के. कनौजिया, निदेशक, NIT जालंधर तथा डॉ. अजय बंसल, रजिस्ट्रार, NIT जालंधर के मार्गदर्शन में डॉ. तरुण सहगल एवं उनकी टीम द्वारा आयोजित किया जा रहा है। इस कोर्स में प्रतिदिन लगभग 250 से अधिक प्रतिभागियों (डॉक्टर्स, नर्सिंग छात्र एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मी) ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह एसटीसी 20 CME घंटों से मान्यता प्राप्त है।

पहला दिन
पहले दिन की शुरुआत डॉ. अनुराग जुल्का द्वारा कंप्यूटर विजन सिंड्रोम पर व्याख्यान से हुई, जिसके बाद डॉ. मनमोहीत ने डेंटल इमरजेंसी पर जानकारी दी। डॉ. विभव ने फ्रैक्चर एवं सुरक्षित परिवहन पर विस्तृत व्याख्यान दिया, वहीं सुश्री सबीना ने बैंडेज तकनीकों पर हैंड्स-ऑन सत्र कराया। इसके अतिरिक्त डॉ. हिमप्रीत ने फिट्स एवं सीजर्स तथा डॉ. गुरप्रीत कौर एवं प्रो. एस. के. पाहुजा ने फेटो-मैटरनल मॉनिटरिंग (वर्तमान एवं नई तकनीकें) पर प्रकाश डाला।

दूसरा एवं तीसरा दिन
इन दिनों में डॉ. डिंपल शर्मा द्वारा स्त्री रोग संबंधी मिथक, डॉ. साहिल सरीन द्वारा डायबिटीज के क्या करें और क्या न करें, तथा डॉ. निपुण महाजन द्वारा छाती के दर्द का आकलन विषयों पर व्याख्यान दिए गए।
साथ ही डॉ. अनुराधा बंसल, डॉ. मीनाक्षी आनंद एवं डॉ. अनुपमा सागर द्वारा CPR एवं AED तकनीकों पर विस्तृत जानकारी के साथ हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण भी दिया गया।
चौथा दिन
चौथे दिन की शुरुआत प्रो. एस. के. पाहुजा द्वारा ECG एवं EEG के फिजियोलॉजिकल सिग्नल्स विषय से हुई। इसके पश्चात डॉ. अरुषी ने सर्वाइकल एवं स्तन कैंसर तथा डॉ. तरुण वीर सिंह कुमार ने त्वचा एलर्जी पर महत्वपूर्ण जानकारी दी।
मुख्य विशेषताएं
- लगभग 250+ प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी
- 20 CME घंटे की मान्यता
- व्याख्यान एवं हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण का समन्वय
- विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों की सहभागिता
