क्या सोते समय आपके भी मुंह से निकलती है लार?.. तो हो सकती हैं ये 5 गंभीर बीमारियां; भूलकर भी न करें नजरअंदाज
punjabkesari.in Friday, Mar 13, 2026 - 05:00 PM (IST)
Causes of drooling while sleeping: अक्सर सुबह सोकर उठने पर कई लोग पाते हैं कि उनका तकिया लार (Drooling) से गीला हो गया है। आमतौर पर इसे गहरी नींद का संकेत मानकर हंसी-मजाक में टाल दिया जाता है, लेकिन चिकित्सा विज्ञान की नजर में यह 'सियालोरिया' (Sialorrhea) नामक स्थिति हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह समस्या कभी-कभार होती है तो सामान्य है, लेकिन यदि यह आपकी रोज की आदत बन चुकी है, तो यह शरीर के भीतर पनप रही किसी गंभीर बीमारी का अलार्म हो सकता है।
क्यों आती है सोते समय लार?
चिकित्सकों के अनुसार, नींद के दौरान जब हमारे गले की मांसपेशियां शिथिल हो जाती हैं, तो लार निगलने की प्रक्रिया धीमी पड़ जाती है, जिससे वह मुंह से बाहर आने लगती है। इसके पीछे निम्नलिखित 5 मुख्य स्वास्थ्य कारण हो सकते हैं:
स्लीप एपनिया (Sleep Apnea): यह एक गंभीर श्वसन विकार है जिसमें नींद के दौरान सांस बार-बार रुकती और शुरू होती है। इस स्थिति में व्यक्ति अक्सर मुंह खोलकर सोता है, जिससे लार बाहर निकल आती है।
गर्ड या एसिड रिफ्लक्स (GERD): पेट में बनने वाला एसिड जब भोजन नली के जरिए ऊपर आने लगता है, तो शरीर उसे शांत करने के लिए अधिक लार का उत्पादन करता है। यही लार सोते समय बाहर निकलती है।
न्यूरोलॉजिकल विकार: पार्किंसन, स्ट्रोक या एएलएस (ALS) जैसी बीमारियों में मस्तिष्क का उन मांसपेशियों पर नियंत्रण कम हो जाता है जो लार निगलने में मदद करती हैं।
दवाओं के दुष्प्रभाव: कुछ विशेष प्रकार की दवाएं, विशेषकर मानसिक स्वास्थ्य या नींद के लिए ली जाने वाली मेडिसिन, लार ग्रंथियों को अधिक सक्रिय कर देती हैं।
लगातार लार आने के जोखिम
लंबे समय तक इस समस्या को नजरअंदाज करने से न केवल नींद की गुणवत्ता प्रभावित होती है, बल्कि लार के सांस की नली में जाने का खतरा (Aspiration) भी रहता है। इसके अलावा, यह मुंह में बैक्टीरिया और संक्रमण को भी बढ़ावा दे सकता है।
बचाव के आसान उपाय
सोने की मुद्रा बदलें: पीठ के बल सोने के बजाय करवट लेकर सोएं और सिर के नीचे थोड़ा ऊंचा तकिया रखें।
ओरल हाइजीन: रात को सोने से पहले ब्रश करना और कुल्ला करना न भूलें।
हाइड्रेशन: दिनभर पर्याप्त पानी पिएं ताकि लार गाढ़ी न हो।
