सत्य निकेतन हादसा: फिर चर्चा में आए MCD कमिश्नर संजीव खिरवार, 2022 में कुत्ता घुमाने के लिए पूरा स्टेडियम करवाया था खाली

punjabkesari.in Monday, Sep 07, 2026 - 07:20 PM (IST)

नई दिल्ली: दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला इमारत गिरने से सात लोगों की मौत के बाद दिल्ली MCD की भूमिका और अवैध निर्माण को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच MCD कमिश्नर संजीव खिरवार भी चर्चा में हैं। खिरवार वही IAS अधिकारी हैं, जो वर्ष 2022 में त्यागराज स्टेडियम को लेकर हुए विवाद के बाद सुर्खियों में आए थे।

सत्य निकेतन हादसे पर क्या बोले संजीव खिरवार?
इमारत हादसे पर संजीव खिरवार ने कहा कि इस घटना में दुर्भाग्य से सात लोगों की जान गई। उन्होंने बताया कि हादसे के बाद आसपास की इमारतों की सुरक्षा की भी जांच की जा रही है। उनके मुताबिक, गिरी हुई इमारत के बगल वाली इमारत भी कमजोर हो गई है और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अगले एक-दो दिनों में उसे गिराने की प्रक्रिया पर विचार किया जाएगा। खिरवार ने यह भी कहा कि MCD इलाके में बिना अनुमति किए जा रहे निर्माण के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। उन्होंने बताया कि अगस्त में इसी इलाके में तीन-चार इमारतों को गिराने के आदेश जारी किए गए थे। उनके अनुसार, पिछले तीन महीनों में 960 इमारतों को गिराया गया, 407 इमारतों को सील किया गया और करीब 1,500 इमारतों को सीलिंग या ध्वस्तीकरण के लिए नोटिस दिए गए। उन्होंने अवैध निर्माण के खिलाफ MCD की नीति को 'जीरो टॉलरेंस' बताते हुए कहा कि ऐसे मामलों में संबंधित बिल्डिंग विभाग की जवाबदेही तय की जाएगी।

2022 में त्यागराज स्टेडियम विवाद से आए थे सुर्खियों में
संजीव खिरवार वर्ष 2022 में त्यागराज स्टेडियम को लेकर विवाद में आए थे। उस समय मीडिया रिपोर्टों में आरोप लगाया गया था कि स्टेडियम में खिलाड़ियों की ट्रेनिंग का समय कथित तौर पर कम कर दिया गया था, ताकि अधिकारी अपने कुत्ते को वहां घुमा सकें। खिरवार ने उस समय इन आरोपों से इनकार किया था। विवाद के बाद मई 2022 में उनका दिल्ली से लद्दाख तबादला कर दिया गया था। उनकी पत्नी रिंकू दुग्गा, जो AGMUT कैडर की IAS अधिकारी हैं, का भी अरुणाचल प्रदेश तबादला किया गया था।

कौन हैं संजीव खिरवार?
संजीव खिरवार 1994 बैच के AGMUT कैडर के IAS अधिकारी हैं। जनवरी 2026 में उन्हें दिल्ली नगर निगम (MCD) का कमिश्नर नियुक्त किया गया। इससे पहले वह दिल्ली सरकार में राजस्व विभाग के प्रधान सचिव समेत कई महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। तीन दशक से अधिक के प्रशासनिक करियर में उन्होंने केंद्र और दिल्ली सरकार में कई अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं।

दिल्ली हाई कोर्ट ने भी उठाए सवाल
सत्य निकेतन इमारत हादसे को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में भी सुनवाई हुई है। अदालत ने हादसे में संपत्ति मालिक की भूमिका के साथ-साथ MCD और अन्य संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी पर भी सवाल उठाए हैं।

उच्चतम कार्यकारी स्तर पर जांच के निर्देश 
अदालत ने MCD को मामले की जांच उच्चतम कार्यकारी स्तर पर करने का निर्देश दिया है। कोर्ट की टिप्पणियों के बाद अब यह सवाल भी अहम हो गया है कि क्या समय रहते अवैध या असुरक्षित निर्माण की पहचान कर कार्रवाई की गई थी। सत्य निकेतन हादसे ने एक बार फिर दिल्ली में अवैध निर्माण, भवन सुरक्षा और नगर निगम की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि इस हादसे के लिए किस स्तर पर लापरवाही हुई और इसकी जिम्मेदारी किसकी तय होती है।


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Content Writer

Ramkesh

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