Samsung India में छंटनी की आहट: टीवी और होम अप्लायंस डिवीजन से 80-100 अधिकारी बाहर, 25% सेल्स टीम पर असर

punjabkesari.in Tuesday, Sep 08, 2026 - 09:54 AM (IST)

नई दिल्ली: बढ़ती लागत, कमजोर उपभोक्ता मांग  के बीच दिग्गज इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी 'सैमसंग इंडिया' ने भारत में कर्मचारियों की छंटनी शुरू कर दी है। कंपनी पर बढ़ते वित्तीय दबाव के कारण यह कदम उठाया जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सैमसंग अब तक 80 से 100 अधिकारियों को नौकरी छोड़ने का निर्देश दे चुकी है। यह छंटनी छोटे-छोटे बैचों में की जा रही है, जिससे मुख्य रूप से हेडक्वाटर के डायरेक्टर-लेवल अधिकारी, टीम लीड्स, ब्रांच और एरिया मैनेजर प्रभावित हो रहे हैं।

यह कदम सैमसंग के भारत में बिज़नेस के लिए एक मुश्किल समय में उठाया गया है। मेमोरी चिप की कीमतें दोगुनी से ज़्यादा हो गई हैं, जबकि भारतीय रुपये की गिरावट, स्मार्टफोन की कम बिक्री और कच्चे माल की ज़्यादा लागत ने बिक्री और मार्जिन पर दबाव बढ़ा दिया है। फिलहाल नौकरी में कटौती का यह दायरा सैमसंग के टीवी (टेलीविज़न) और होम अप्लायंस (घरेलू उपकरण) बिज़नेस तक ही सीमित है।

25% स्टाफ प्रभावित:
सूत्रों के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक्स बिज़नेस की सेल्स और मार्केटिंग टीम के 25% तक वर्कफोर्स पर इसका असर पड़ सकता है। इसमें सीधे कंपनी रोल पर तैनात स्टाफ और एजेंसियों से हायर किए गए ऑफ-रोल कर्मचारी दोनों शामिल हैं।

बिना नोटिस की छुट्टी: 
प्रभावित कर्मचारियों को रोजाना टर्मिनेशन लेटर थमाए जा रहे हैं। कुछ कर्मचारियों को नोटिस पीरियड पूरा किए बिना ही तुरंत हटने को कहा गया है। कंपनी निकाले जा रहे कर्मचारियों को 3 महीने की सैलरी के साथ-साथ सेवा के प्रत्येक वर्ष के लिए 1 महीने का अतिरिक्त वेतन (सेवरेंस पे) दे रही है।

सैमसंग की घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स सेल्स टीम में लगभग 550-600 अधिकारी हैं, इसके अलावा स्मार्टफोन सेल्स का बहुत बड़ा संगठन भी है। एक प्रभावित कर्मचारी ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में रोज़ाना छोटे-छोटे बैच में टर्मिनेशन लेटर जारी किए गए हैं और कुछ कर्मचारियों को बिना नोटिस पीरियड पूरा किए ही नौकरी छोड़ने के लिए कहा गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, सैमसंग तीन महीने की सैलरी के साथ-साथ नौकरी के हर साल के लिए एक महीने की अतिरिक्त सैलरी सेवरेंस (नौकरी छूटने पर मिलने वाली रकम) के तौर पर दे रही है। 

सैमसंग नौकरियां क्यों कम कर रही है? 
सैमसंग इंडिया पर कई तरफ से दबाव है। कंपनी को मेमोरी चिप की कीमतों में भारी बढ़ोतरी का सामना करना पड़ रहा है, साथ ही FY26 में रुपये की कीमत में लगभग 10% की गिरावट के कारण स्मार्टफोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद महंगे हो गए हैं। यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब भारत का स्मार्टफोन बाजार खुद कमजोर हो रहा है। रिपोर्ट में बताए गए इंडस्ट्री के अनुमानों के अनुसार, स्मार्टफोन की बिक्री की मात्रा में साल-दर-साल 11-12% की गिरावट आई है। सैमसंग के लिए स्मार्टफोन का कारोबार खास तौर पर अहम है क्योंकि भारत में इसकी कुल कमाई का लगभग तीन-चौथाई हिस्सा मोबाइल फोन से आता है। कच्चे माल की ऊंची कीमतों ने इसके कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबार पर और दबाव डाला है।

स्मार्टफोन टीम फिलहाल सेफ
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में स्मार्टफोन सैमसंग का सबसे बड़ा कारोबार है और कंपनी को उम्मीद है कि आने वाले दिवाली सीजन में मांग बढ़ेगी। अगर त्योहारी सीजन में बिक्री बढ़ती है, तो इससे भारत में कंपनी के पूरे कारोबार को कुछ राहत मिल सकती है। सैमसंग के प्रीमियम गैलेक्सी फोल्ड और फ्लिप स्मार्टफोन को भी अच्छा रिस्पॉन्स मिला है, हालांकि 1 लाख रुपये से ज़्यादा कीमत वाले स्मार्टफोन का कुल बाजार में हिस्सा सिर्फ़ 4% के आसपास है। 

फाइनेंशियल ईयर 2025 (FY25) में सैमसंग इंडिया का कुल रेवेन्यू 12% बढ़कर 1.1 लाख करोड़ रुपये रहा और नेट प्रॉफिट 38% बढ़कर 11,287 करोड़ रुपये पहुंचा। इससे स्पष्ट है कि कंपनी का पूरा भारतीय संचालन संकट में नहीं है, बल्कि यह कदम चुनिंदा सेक्टरों में बढ़ती लागत को कंट्रोल करने के लिए उठाया गया है।


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Content Editor

Anu Malhotra

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