रोहिणी आचार्य ने भाई तेजस्वी यादव पर साधा निशाना, कहा- बड़ी विरासत को तहस - नहस करने के लिए परायों की जरूरत नहीं
punjabkesari.in Saturday, Jan 10, 2026 - 12:20 PM (IST)
नेशनल डेस्क: बिहार में लालू परिवार के बीच पैदा हुई सियासी तकरार थमने का नाम नहीं ले रही। RJD सुप्रीमो लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने अपने भाई तेजस्वी यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने अपने भाई तेजस्वी को लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर किया है। रोहिणी ने लिखा 'बड़ी विरासत को मिटाने के लिए परायों की जरूरत नहीं होती, अपने ही काफी होते हैं।' पोस्ट में उन्होंने संकेत दिया कि अहंकार और बहकावे में आकर परिवार की पहचान और वजूद को खत्म करने की कोशिश हो रही है।
<
बड़ी शिद्दत से बनायी और खड़ी की गयी "बड़ी विरासत" को तहस - नहस करने के लिए परायों की जरूरत नहीं होती, "अपने" और अपनों के चंद षड्यंत्रकारी "नए बने अपने" ही काफी होते हैं ..
— Rohini Acharya (@RohiniAcharya2) January 10, 2026
हैरानी तो तब होती है , जब "जिसकी" वजह से पहचान होती है , जिसकी वजह से वजूद होता है , उस पहचान, उस वजूद के…
>
रोहिणी ने पोस्ट में लिखा
आज उन्होंने लिखा, 'बड़ी शिद्दत से बनायी और खड़ी की गयी "बड़ी विरासत" को तहस - नहस करने के लिए परायों की जरूरत नहीं होती, "अपने" और अपनों के चंद षड्यंत्रकारी "नए बने अपने" ही काफी होते हैं .. हैरानी तो तब होती है , जब "जिसकी" वजह से पहचान होती है , जिसकी वजह से वजूद होता है , उस पहचान, उस वजूद के निशान को बहकावे में आ कर मिटाने और हटाने पर "अपने" ही आमादा हो जाते हैं।' 'जब विवेक पर पर्दा पड़ जाता है, अहंकार सिर पर चढ़ जाता है .. तब "विनाशक" ही आँख - नाक और कान बन बुद्धि - विवेक हर लेता है।'

परिवार और पार्टी के बीच आई तकरार
भले ही रोहिणी ने अपने बयान में नाम लेने से परहेज किया हो, लेकिन उनके शब्दों के निशाने पर साफ तौर पर तेजस्वी यादव ही नजर आ रहे हैं। जानकारों का मानना है कि यह बयान न केवल तेजस्वी की लीडरशिप को चुनौती है, बल्कि आरजेडी और कुनबे के भीतर बढ़ती दूरियों का एक स्पष्ट संकेत भी है।
