Chardham Yatra 2026: बदल गए रजिस्ट्रेशन के नियम! अब फर्जीवाड़ा रोकने के लिए सरकार ने लागू किया नया शुल्क
punjabkesari.in Tuesday, Feb 17, 2026 - 02:43 PM (IST)
नेशनल डेस्क: उत्तराखंड में इस साल 19 अप्रैल से शुरू होने वाली चारधाम यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में बड़े बदलाव किए गए हैं। अब यात्रियों को ऑनलाइन पंजीकरण कराने के लिए शुल्क देना अनिवार्य होगा। इसका मुख्य उद्देश्य फर्जी पंजीकरण को रोकना और यात्रा को अधिक व्यवस्थित व सुरक्षित बनाना है।
समिति द्वारा शुल्क निर्धारण
गढ़वाल मंडल के अतिरिक्त आयुक्त की अध्यक्षता में चारधाम यात्रा पंजीकरण शुल्क तय करने के लिए एक समिति बनाई गई है। प्रारंभिक सुझाव में न्यूनतम 10 रुपये का शुल्क लेने की बात कही गई है। गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडे ने बताया कि समिति की रिपोर्ट और सरकार की मंजूरी मिलने के बाद ही अंतिम शुल्क तय किया जाएगा।
यात्रा की तारीखें और धामों के कपाट
चारधाम यात्रा इस वर्ष 19 अप्रैल से शुरू होगी। उसी दिन यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट विधि-विधान के अनुसार खोले जाएंगे। केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को और बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को खुलेंगे।
तैयारी के लिए बैठकें
यात्रा की तैयारियों के लिए हाल ही में चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप में बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे और आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने होटल एसोसिएशन, ट्रांसपोर्टरों और डंडी-कंडी एसोसिएशन के पदाधिकारियों से चर्चा की। बैठक में होटल व्यवसायियों ने धामों में दर्शन के लिए यात्रियों की संख्या की वैधता समाप्त करने की मांग की।
टूर एंड ट्रैवल्स यूनियन और डंडी-कंडी संचालकों की समस्याओं का समाधान
बैठक के बाद टूर एंड ट्रैवल्स यूनियन और डंडी-कंडी संचालकों की समस्याओं को हल करने के लिए अपर आयुक्त की अध्यक्षता में एक समिति बनाई गई। समिति की सिफारिशों के आधार पर चारधाम यात्रा के पंजीकरण प्रक्रिया को जल्द शुरू किया जाएगा और आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे।
पंजीकरण शुल्क से सुरक्षा और व्यवस्थित यात्रा
इस बदलाव के साथ अब चारधाम यात्रा में शामिल होने वाले प्रत्येक यात्री को ऑनलाइन पंजीकरण शुल्क देना अनिवार्य होगा। यह कदम यात्रा को व्यवस्थित, सुरक्षित और फर्जी पंजीकरण से मुक्त बनाने के लिए उठाया गया है, जिससे भीड़ नियंत्रण और यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित हो सके।
