Indian Railway Rule: कंफर्म टिकट के बाद नहीं मिली सीट? रेलवे से मिल सकता ₹50,000 तक का मुआवजा, जानें नियम
punjabkesari.in Friday, Jul 10, 2026 - 09:44 AM (IST)
Railway Compensation Rule: कई बार यात्री महीनों पहले टिकट बुक करते हैं ताकि सफर आरामदायक हो सके। लेकिन अगर Confirmed Ticket होने के बावजूद रिजर्व कोच में भीड़, बिना टिकट यात्रियों या Unauthorized कब्जे की वजह से आपको अपनी सीट पर बैठने या आराम करने की जगह नहीं मिलती, तो ऐसी परेशानी के खिलाफ शिकायत और मुआवजे का रास्ता खुला है।
हाल ही में एक Consumer Court के फैसले ने इस मुद्दे को चर्चा में ला दिया है। अदालत ने माना कि रिजर्व टिकट लेने वाले यात्री को तय सुविधा नहीं मिलना रेलवे की Deficiency in Service (सेवा में कमी) मानी जा सकती है। ऐसे मामलों में यात्री मुआवजे की मांग कर सकता है। दरअसल, तिरुवनंतपुरम के जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने एक यात्री की शिकायत पर फैसला सुनाते हुए रेलवे को सेवा में लापरवाही के लिए ₹50,000 का हर्जाना देने का निर्देश दिया।
कंफर्म टिकट के बाद भी परेशानी हो तो क्या करें?
अगर यात्रा के दौरान आपकी सीट पर किसी अनधिकृत यात्री ने कब्जा कर लिया है या कोच में इतनी भीड़ है कि आप अपनी बर्थ का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं, तो तुरंत कार्रवाई करना जरूरी है।
1. RailMadad App या 139 पर शिकायत करें
शिकायत नंबर जरूर नोट कर लें, ताकि बाद में इसे सबूत के तौर पर इस्तेमाल किया जा सके।
2. TTE और RPF की मदद लें
ट्रेन में मौजूद TTE को अपनी परेशानी बताएं। अगर बिना टिकट यात्री रिजर्व कोच में बैठे हैं, तो उन्हें हटाने की कार्रवाई की मांग की जा सकती है। जरूरत पड़ने पर अगले स्टेशन पर RPF (Railway Protection Force) से भी शिकायत की जा सकती है।
3. सबूत सुरक्षित रखें
-भीड़भाड़ वाले कोच की फोटो और वीडियो
-अपनी सीट पर कब्जे की तस्वीर
-ट्रेन नंबर, कोच नंबर और PNR की जानकारी
-RailMadad शिकायत नंबर और स्क्रीनशॉट
-रेलवे अधिकारियों से हुई बातचीत का रिकॉर्ड
सिर्फ मौखिक शिकायत के आधार पर मामला साबित करना मुश्किल हो सकता है, इसलिए दस्तावेज और डिजिटल सबूत संभालकर रखें।
Consumer Court में कर सकते हैं शिकायत
अगर रेलवे कर्मचारी समस्या का समाधान नहीं करते और यात्री को पूरी यात्रा में परेशानी झेलनी पड़ती है, तो वह Consumer Commission में मामला दर्ज कर सकता है।
यात्री इसमें मांग कर सकता है:
-मानसिक परेशानी के लिए मुआवजा
-यात्रा में हुई असुविधा का हर्जाना
-शिकायत और कानूनी खर्च की भरपाई
कई मामलों में अदालत परिस्थितियों के आधार पर मुआवजे का फैसला करती है। हर शिकायत में राशि अलग हो सकती है।
यात्रियों के लिए जरूरी बात
कंफर्म टिकट का मतलब सिर्फ सीट नंबर मिलना नहीं है, बल्कि यात्री को उस सुविधा का उपयोग करने का अधिकार भी मिलता है। अगर रेलवे की व्यवस्था में कमी के कारण यात्री अपनी आरक्षित सीट का इस्तेमाल नहीं कर पाता, तो वह उचित शिकायत और कानूनी उपाय अपना सकता है। इसलिए सफर के दौरान परेशानी होने पर चुप रहने के बजाय तुरंत शिकायत करें, सबूत जुटाएं और अपने अधिकारों की जानकारी रखें।
