एयर इंडिया के दावे पर उठे सवाल, यात्रियों को आईं हैं गंभीर चोटें, यात्री ने खोली पोल

punjabkesari.in Wednesday, Aug 05, 2026 - 05:49 PM (IST)

नई दिल्ली। थाईलैंड के फुकेत से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की एक उड़ान में हुई घटना को लेकर अब नए सवाल खड़े हो गए हैं। शुरुआती जानकारी में इसे केवल "मामूली चोटों" का मामला बताया गया था, लेकिन अब सामने आ रही रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि कुछ यात्रियों को गंभीर चोटें भी आई हैं।

बताया जा रहा है कि उड़ान के दौरान अचानक तेज झटके (टर्बुलेंस) आने से कई यात्री अपनी सीटों से उछल गए। घटना में कुछ यात्रियों के सिर, चेहरे और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आईं। सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों और वीडियो में विमान के अंदर अफरा-तफरी का माहौल भी देखा गया। घटना के बाद एयर इंडिया की ओर से कहा गया कि प्रभावित यात्रियों को आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई और अधिकतर यात्रियों को केवल मामूली चोटें आईं। हालांकि, बाद में सामने आई रिपोर्टों में कुछ यात्रियों को अपेक्षा से अधिक गंभीर चोटें लगने का दावा किया गया है, जिससे एयरलाइन के शुरुआती बयान पर सवाल उठने लगे हैं।

सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में साफ दिख रहा है कि कुछ यात्री अस्पताल के बैड पर काफी हताश होकर लेटे हुए हैं। एक यात्री ने एयर इंडिया की पोल खोलते हुए कहा कि कंपनी ने दावा किया कि लोगों को मामूली चोटें आईं हैं, लेकिन यह सच नहीं है। यात्री के अनुसार, कई लोगों को गंभीर चोटे आईं हैं और हमें यह कहा गया कि कोई भी अंदर से वीडियो नहीं बनाएगा। साथ ही यह भी खुलासा हुआ कि यात्रियों ने हैदराबाद या लखनऊ में लैंडिग करने का अनुरोध किया, लेकिन क्रू मेंबर ने दिल्ली में ले जाने की बात कही और कहा कि वहां अच्छा इलाज होगा। हालांकि, वीडियो में शख्स साफ कह रहा कि उनका इलाज होने में भी देरी की गई। 

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बता दें कि मंगलवार एयर इंडिया की फ्लाइट में एयर टर्बुलेंस से कई यात्री चोटिल हुए थे, जिसको लेकर एयर इंडिया ने बयान देते हुए कहा कि आज फुकेट से दिल्ली आ रही फ्लाइट AI2379 उड़ान के दौरान कुछ समय के लिए टर्बुलेंस का सामना करना पड़ा, जिस कारण विमान की ऊंचाई में थोड़े समय के लिए बदलाव हुआ था। फ्लाइट में 134 यात्री सवार थे।    

क्या होता है एयर टर्बुलेंस? 
बता दें कि फ्लाइट टर्बुलेंस हवा के प्रवाह में अचानक आने वाला उतार-चढ़ाव है, जिसके कारण उड़ता हुआ विमान अचानक हिलने-डुलने या झटका खाने लगता है। यह स्थिति तब बनती है जब विमान गरज-चमक वाले बादलों या तूफानी मौसम से गुजरता है और हवा के दबाव में अचानक बदलाव आता है।

इसके अलावा, जब अलग-अलग दिशा या गति से बहने वाली हवाएं आपस में टकराती हैं, तब भी टर्बुलेंस पैदा होता है। पहाड़ी क्षेत्रों के ऊपर से उड़ान भरते समय भी हवा का प्रवाह लहरों की तरह ऊपर-नीचे होता है, जिससे विमान में झटके महसूस हो सकते हैं। टर्बुलेंस का सबसे खतरनाक प्रकार क्लियर एयर टर्बुलेंस (CAT) माना जाता है। इसकी सबसे बड़ी चुनौती यह है कि यह बिना किसी बादल या खराब मौसम के साफ आसमान में अचानक उत्पन्न हो सकता है। इतना ही नहीं, इसे विमान के राडार से भी पहले से पकड़ पाना बेहद मुश्किल होता है, जिससे पायलट और यात्रियों के लिए यह अधिक जोखिमपूर्ण माना जाता है।


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Content Editor

Sahil Kumar

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