Bihar : पूर्णिया सांसद पप्पू यादव को पुलिस ने किया गिरफ्तार, 31 साल पुराने मामले में एक्शन
punjabkesari.in Saturday, Feb 07, 2026 - 12:33 AM (IST)
नेशनल डेस्कः पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को पटना पुलिस ने शुक्रवार (06 फरवरी, 2026) की देर रात गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी 31 साल पुराने एक मामले में हुई। पुलिस उन्हें लेने उनके पटना स्थित सरकारी आवास पहुंची थी, लेकिन पप्पू यादव तुरंत जाने को तैयार नहीं थे। इसके बाद बड़ी संख्या में पुलिस बल बुलाया गया। खुद पटना के एसपी भानु प्रताप मौके पर पहुंचे। काफी देर तक बहस और हंगामे के बाद आखिरकार पुलिस उन्हें उठाकर अपने साथ ले गई।
किस मामले में हुई गिरफ्तारी?
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, यह मामला साल 1995 का है। पटना की एमपी-एमएलए कोर्ट ने दो दिन पहले ही पप्पू यादव सहित तीन लोगों के खिलाफ कुर्की-जब्ती का आदेश दिया था। उन पर आरोप है कि उन्होंने धोखाधड़ी कर एक मकान किराए पर लिया था। इस संबंध में पटना के गर्दनीबाग थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी। उसी मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने पहुंची।
रात में जाने से किया इनकार, घंटों चला हंगामा
गिरफ्तारी से पहले पप्पू यादव और पुलिस के बीच लंबी बहस हुई। सांसद ने कहा कि वह पहले अपने वकील को बुलाना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस चाहें तो उन्हें हाउस अरेस्ट कर ले, लेकिन वे रात में थाने नहीं जाएंगे और सुबह कोर्ट जाएंगे।
हालांकि, पुलिस ने उनकी बात नहीं मानी। जब पुलिसकर्मियों को लगा कि उन्हें आसानी से ले जाना संभव नहीं होगा, तो और ज्यादा फोर्स बुला ली गई। वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। यह पूरा घटनाक्रम देर रात करीब 12 बजे तक चलता रहा। अंत में पुलिस उन्हें जबरन अपने साथ ले गई।
गिरफ्तारी के बाद सीधे IGIMS ले गई पुलिस
गिरफ्तारी के तुरंत बाद पटना पुलिस पप्पू यादव को बेली रोड स्थित IGIMS (इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान) अस्पताल लेकर पहुंची। यहां उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसके बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उनके साथ कुछ समर्थक भी अस्पताल तक पहुंचे।
नीट छात्रा मामले पर सरकार से चल रही थी टकराव
गौरतलब है कि हाल ही में पटना में एक नीट छात्रा की संदिग्ध मौत हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह कहा गया था कि रेप की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इस मामले में नीतीश सरकार ने सीबीआई जांच की मांग की थी। पप्पू यादव लगातार इस मुद्दे पर सरकार पर हमलावर थे और सड़क से लेकर संसद तक सवाल उठा रहे थे। उनका आरोप है कि इसी वजह से सरकार ने बदले की भावना से उनके खिलाफ कार्रवाई की।
