India-US trade deal: ''क्या अमेरिकी कंपनियों से भिड़ेंगे हमारे किसान?'' प्रियंका गांधी ने सरकार से किए तीखे सवाल
punjabkesari.in Tuesday, Feb 03, 2026 - 04:39 PM (IST)
नेशनल डेस्क: कांग्रेस की फायरब्रांड नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने मंगलवार को केंद्र की मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि अमेरिका के साथ हुआ नया व्यापारिक समझौता भारतीय किसानों के लिए 'नुकसानदेह' साबित हो सकता है। प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया पर एक कड़ा संदेश साझा करते हुए सरकार से इस डील की शर्तों को सार्वजनिक करने की मांग की।
प्रियंका गांधी के 3 बड़े सवाल
प्रियंका गांधी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान का हवाला देते हुए पूछा:
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किसानों की सुरक्षा: "क्या मोदी सरकार भारतीय कृषि क्षेत्र को पूरी तरह से अमेरिका के लिए खोलने की योजना बना रही है?"
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सीधी प्रतिस्पर्धा: "क्या सरकार भारतीय किसानों को अमेरिकी दिग्गज कंपनियों के साथ सीधे मुकाबले में धकेल रही है?"
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हितों से समझौता: "क्या इस डील के जरिए हमारे किसानों के हितों की बलि चढ़ा दी गई है?"
उन्होंने आगे कहा कि ट्रंप ने साफ तौर पर कहा है कि अब अमेरिकी किसानों के उत्पाद भारतीय बाजारों में बिकेंगे, जिससे 'ग्रामीण अमेरिका' समृद्ध होगा। ऐसे में भारत के करोड़ों किसान यह जानना चाहते हैं कि उनके लिए इस डील में क्या है?

राहुल गांधी का 'सरेंडर' वाला वीडियो वायरल
प्रियंका गांधी ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का एक वीडियो क्लिप भी साझा किया। इस वीडियो में राहुल गांधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कह रहे हैं, "देश के नेता का काम दिशा देना होता है, फैसलों से भागकर उन्हें दूसरों के कंधों पर डालना नहीं। प्रधानमंत्री ने इस ट्रेड डील के मामले में यही किया है।"

जयराम रमेश ने उठाया 'जीरो टैरिफ' का मुद्दा
पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने भी इस समझौते की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि युद्धविराम (Ceasefire) की तरह ट्रेड डील का ऐलान भी ट्रंप ने ही किया और यह दावा किया कि यह डील 'मोदी के अनुरोध' पर हुई है।
जयराम रमेश की मुख्य आपत्तियां:
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बाजार खोलना: ट्रंप का कहना है कि भारत टैरिफ को 'जीरो' करने की ओर बढ़ेगा। इसका सीधा मतलब है कि भारतीय बाजार अब अमेरिकी कंपनियों के लिए पूरी तरह खुल जाएंगे।
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प्रभाव: इसका बुरा असर भारतीय उद्योगों, व्यापारियों और विशेष रूप से किसानों पर पड़ेगा।
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संसद को अंधेरे में रखा: रमेश ने मांग की कि सरकार को संसद और पूरे देश को विश्वास में लेकर इस डील की एक-एक बारीकी साझा करनी चाहिए।
