Bullet Train: भारत को मिलेगी जापान की नई पीढ़ी की E10 Shinkansen ट्रेन, होगी भूकंप-रोधी तकनीक से लैस

punjabkesari.in Friday, Aug 29, 2025 - 06:11 PM (IST)

नेशनल डेस्क : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वर्तमान में जापान दौरे पर हैं, ऐसे में मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट की चर्चा स्वाभाविक है। इस दौरे के दौरान इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर उच्च स्तरीय बातचीत होने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी जापान में उन भारतीय चालकों से भी मुलाकात कर सकते हैं जो इन अत्याधुनिक बुलेट ट्रेनों को चलाने के लिए ट्रेनिंग ले रहे हैं। मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की नींव सितंबर 2017 में गुजरात के साबरमती में प्रधानमंत्री मोदी और तत्कालीन जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने रखी थी।

पहला फेज 2027 तक हो सकता है चालू
दो साल बाद भारत और जापान के बीच एक समझौता (एमओयू) हुआ, जिसके तहत जापान ने इस परियोजना के लिए 80 प्रतिशत राशि सॉफ्ट लोन के रूप में देने पर सहमति जताई। हालांकि बाद के वर्षों में कुछ देरी आई, लेकिन अब निर्माण कार्य ने गति पकड़ ली है। पहला फेज साल 2027 तक गुजरात में चालू होने की उम्मीद है, जबकि पूरे 508 किलोमीटर के रूट पर 2028 तक सेवा शुरू करने का लक्ष्य है। यह ट्रेन मुंबई से अहमदाबाद की दूरी मात्र 2 घंटे 7 मिनट में तय करेगी।

भारत को मिल सकता है अगली पीढ़ी का E10 Shinkansen
एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआत में भारत को जापान की E5 शिंकानसेन सीरीज की ट्रेन देने की योजना थी। बाद में परियोजना में देरी और जापान में तकनीकी उन्नयन के कारण भारत को नई पीढ़ी की E10 सीरीज ट्रेन प्रदान करने का प्रस्ताव आया है। E10 ट्रेन का डिजाइन जापान के प्रसिद्ध सकुरा (चेरी ब्लॉसम) फूलों से प्रेरित है और यह एक खास अपग्रेडेड भूकंप-रोधी तकनीक से लैस है।

E10 Shinkansen की खासियत
इस ट्रेन में L-शेप की गाइड व्यवस्था है, जो भूकंप के दौरान ट्रेन को पटरी से उतरने से रोकती है। साथ ही लैटरल डैम्पर्स झटकों को कम करते हैं। इसकी अधिकतम गति 320 किलोमीटर प्रति घंटा है, हालांकि तकनीकी क्षमता 360 किलोमीटर प्रति घंटा तक है। ट्रेन की ब्रेकिंग डिस्टेंस 15 प्रतिशत कम है, यानी यह 3.4 किलोमीटर में रुक सकती है, जबकि E5 को 4 किलोमीटर लगते थे। इसके अलावा इसमें अधिक सामान रखने की सुविधा, व्हीलचेयर उपयोगकर्ताओं के लिए विशेष सीटें और लचीली सीटिंग व्यवस्था भी मौजूद है। भविष्य में यह फुली ऑटोमेटेड संचालन के लिए सक्षम होगी। बिजनेस क्लास में लेदर रिक्लाइनर सीट्स, इन-बिल्ट डेस्क और ऑनबोर्ड Wi-Fi सेवा भी उपलब्ध होगी।

जापान में E10 सीरीज कब चलेगी?
E10 सीरीज जापान में 2030 से परिचालन में आएगी। तब तक E5 और E3 ट्रेनों का अस्थायी रूप से उपयोग किया जाएगा। भारत में 2027 में जब सेवा शुरू होगी, तब E5 ट्रेन इसी रूट पर चलाई जाएगी। प्रधानमंत्री मोदी जापान में उस फैक्ट्री का दौरा भी करेंगे जहां E10 ट्रेन का निर्माण हो रहा है। इसके अलावा, वे जापान के वर्तमान प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा के साथ भारत में अन्य बुलेट ट्रेन परियोजनाओं पर भी चर्चा कर सकते हैं। वर्ष 2009 में भारत सरकार ने पुणे-अहमदाबाद और दिल्ली-अमृतसर (चंडीगढ़ होते हुए) सहित पांच अन्य हाई-स्पीड कॉरिडोर्स की पहचान की थी।

बुलेट ट्रेन क्या है?
बुलेट ट्रेन, जिसे हाई-स्पीड ट्रेन भी कहा जाता है, आमतौर पर 250 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक गति से चलती है और इसके लिए डेडिकेटेड ट्रैक की आवश्यकता होती है। ऐसी सेवाएं फ्रांस, जापान, चीन, कोरिया, जर्मनी, स्पेन, इटली, बेल्जियम आदि देशों में पहले से संचालित हैं।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Shubham Anand

Related News