राष्ट्रपति ने दिल्ली सरकार की ‘लखपति बिटिया’ और ‘पिंक स्मार्ट कार्ड’ योजना का किया शुभारंभ
punjabkesari.in Monday, Mar 02, 2026 - 06:00 PM (IST)
नेशनल डेस्क: दिल्ली के विकास की दिशा में सोमवार का दिन नारी शक्ति के सशक्तिकरण के एक नए अध्याय के रूप में दर्ज हुआ। माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित ‘सशक्त नारी, समृद्ध दिल्ली’ भव्य कार्यक्रम में दिल्ली की महिलाओं और बेटियों के सर्वांगीण विकास के लिए कई महत्वाकांक्षी योजनाओं का शुभारंभ किया। इस अवसर पर माननीय राष्ट्रपति ने दिल्ली सरकार की महिला सशक्तिकरण से जुड़ी महत्वपूर्ण पहलों, दिल्ली लखपति बिटिया योजना, होली एवं दिवाली पर निःशुल्क गैस सिलेंडर योजना और सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड का औपचारिक शुभारंभ किया। साथ ही, लाडली योजना के अंतर्गत 40,642 बालिका लाभार्थियों के खातों में 100 करोड़ रुपये से अधिक राशि भी डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर की।
इस अवसर पर माननीय उपराज्यपाल श्री विनय कुमार सक्सेना, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री हर्ष मल्होत्रा, दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता, दिल्ली के कैबिनेट मंत्री सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा, डॉ. पंकज कुमार सिंह सहित हजारों की संख्या में लाभार्थी महिलाएं और बालिकाएं उपस्थित थीं।

राष्ट्रपति जी ने महान महिलाओं को स्मरण किया
इस अवसर पर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि ‘मेरी पूंजी, मेरा अधिकार’, सहेली स्मार्ट कार्ड और दिल्ली लखपति बिटिया जैसी योजनाएं महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये सभी कल्याणकारी योजनाएं दिल्ली की महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाकर समृद्ध दिल्ली के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगी। उन्होंने भारतीय परंपरा में नारी को शक्ति, ज्ञान और समृद्धि के रूप में पूजनीय बताते हुए लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर, रानी लक्ष्मीबाई, सावित्रीबाई फुले, रानी गाइडिनल्यू और सरोजिनी नायडू जैसी महान महिलाओं के योगदान को स्मरण किया। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं सेना, विज्ञान, खेल, राजनीति, प्रशासन और व्यापार सहित हर क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल कर रही हैं, लेकिन इसके साथ ही उन्हें हिंसा, आर्थिक असमानता, सामाजिक उपेक्षा और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का भी सामना करना पड़ता है, जिन्हें दूर करना आवश्यक है।
महिला सशक्तिकरण समाज का कर्तव्य है
उन्होंने कहा कि वास्तविक सशक्तिकरण तब संभव है जब महिलाओं को स्वतंत्र निर्णय लेने की क्षमता, आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर, समान अधिकार, सुरक्षा और शिक्षा प्राप्त हो। उन्होंने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना और मातृत्व संबंधी योजनाओं जैसी केंद्र सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का मार्ग प्रशस्त किया है। साथ ही, पंचायती राज संस्थाओं और नारी शक्ति वंदन अधिनियम के माध्यम से महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाकर वुमेन-लेड डेवलपमेंट की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
महामहिम राष्ट्रपति ने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। बेटियों को शिक्षित करना, उनका आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें सुरक्षित वातावरण देना आवश्यक है, ताकि वे बिना भय और दबाव के अपने जीवन के निर्णय स्वयं ले सकें। उन्होंने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि आधी आबादी के सशक्त हुए बिना यह लक्ष्य प्राप्त नहीं किया जा सकता। स्त्री और पुरुष को जीवन रूपी रथ के दो पहिए बताते हुए उन्होंने कहा कि दोनों के समान रूप से सशक्त होने पर ही राष्ट्र प्रगति कर सकता है।

दिल्ली सरकार की ये पहल महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाएगी
उन्होंने विशेष रूप से दिल्ली को देश की राजधानी होने के नाते ‘वुमेन-लेड डेवलपमेंट’ का आदर्श प्रस्तुत करने की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि यदि यहां की महिलाएं सुरक्षित, शिक्षित और आत्मनिर्भर होंगी तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे देश पर पड़ेगा। उन्होंने सभी दिल्लीवासियों से महिला सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने, बेटियों को समान अवसर प्रदान करने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि दिल्ली सरकार की यह पहल महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाएगी और उन्हें जीवन में नई ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए प्रेरित करेगी।
महिलाओं के साथ परिवार भी सशक्त होंगे: उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना
इस अवसर पर उपराज्यपाल श्री वी. के. सक्सेना ने कहा कि यह कार्यक्रम दिल्ली में महिला सशक्तिकरण की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण कदम है। आज शुरू की गई इन योजनाओं का सीधा लाभ राजधानी की लाखों महिलाओं को मिलेगा। आज शुरू की गई पहलों से न केवल महिलाएं, बल्कि उनके परिवार भी सशक्त होंगे। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए दूरदर्शी दृष्टिकोण आवश्यक है और ‘दिल्ली लखपति बिटिया योजना’ इसका सशक्त उदाहरण है। इस योजना के माध्यम से बेटियों के जन्म से लेकर उनकी उच्च शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण तक समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने दिल्ली सरकार को बधाई दी और इसे बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने की आधारशिला बताया।
उपराज्यपाल ने यह भी कहा कि सशक्तिकरण केवल आर्थिक मजबूती तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें समान अवसर, सुरक्षा, सम्मान और सामुदायिक सहभागिता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। राष्ट्रीय राजधानी होने के नाते दिल्ली की जिम्मेदारी है कि वह पूरे देश के लिए एक आदर्श मॉडल प्रस्तुत करे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि महामहिम राष्ट्रपति के मार्गदर्शन और प्रेरणा से समावेशी एवं न्यायपूर्ण विकास के लक्ष्य को और सुदृढ़ किया जा सकेगा और महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में दिल्ली निरंतर प्रगति करती रहेगी।

दिल्ली के इतिहास का ऐतिहासिक क्षण: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता
इस अवसर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने कहा कि यह केवल योजनाओं का शुभारंभ नहीं, बल्कि नारी सम्मान, आत्मनिर्भरता और विश्वास के विस्तार का सशक्त संकल्प है। जब बेटी सशक्त होती है तो परिवार सशक्त होता है, जब महिला आत्मनिर्भर बनती है तो समाज आत्मविश्वासी बनता है और जब नारी शक्ति आगे बढ़ती है तो विकसित दिल्ली का मार्ग और स्पष्ट हो जाता है। उन्होंने कहा कि यह दिन दिल्ली के इतिहास में ऐतिहासिक क्षण के रूप में दर्ज होगा, क्योंकि यह मंच बेटी के जन्म से लेकर उसे आत्मनिर्भर बनाने तक की पूरी यात्रा को सम्मान देने का पर्व है।
उन्होंने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी की गरिमामयी उपस्थिति को देश की करोड़ों बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि उनका संघर्ष, सादगी और साहस यह संदेश देता है कि सपनों की कोई सीमा नहीं होती। उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा दिए गए ‘नारी शक्ति वंदन’ के मंत्र से प्रेरित होकर दिल्ली सरकार ने महिला सशक्तिकरण को केंद्र में रखकर ठोस कदम उठाए हैं और आज समर्पित की गई चारों योजनाओं का मूल उद्देश्य नारी की गरिमा, आर्थिक आत्मनिर्भरता और सामाजिक सम्मान सुनिश्चित करना है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘मेरी पूंजी, मेरा अधिकार’ के अंतर्गत लंबे समय से लंबित लाडली योजना की राशि को लाभार्थी बेटियों तक पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाया गया। पहले चरण में लगभग 30,000 बालिकाओं को 90 करोड़ रुपये डीबीटी किए गए और आज माननीय राष्ट्रपति की उपस्थिति में 40,000 से अधिक बेटियों के खातों में 100 करोड़ रुपये की राशि सीधे भेजी गई। उन्होंने कहा कि पुरानी व्यवस्था में लाभार्थियों को अपने बकाया का पता ही नहीं चलता था, इसलिए नई ‘लखपति बिटिया योजना’ को अधिक मजबूत, भविष्य उन्मुख, पूर्णतः डिजिटल और फेसलेस प्रणाली के साथ लागू किया गया है।
उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत जन्म से लेकर स्नातक तक चरणबद्ध तरीके से कुल 61,000 रुपये सरकार द्वारा जमा किए जाएंगे, जो ब्याज सहित परिपक्व होकर लगभग सवा लाख रुपये हो जाएंगे। इस योजना के लिए बजट में 128 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही, चाइल्ड केयर संस्थानों में रह रही बालिकाओं को भी इसमें शामिल कर सरकार उनकी अभिभावक की भूमिका निभाएगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इसका उद्देश्य दिल्ली की कोई भी बेटी शिक्षा से वंचित न रहे और ‘ड्रॉपआउट’ शब्द समाप्त हो।
महिलाओं की सुरक्षित और सम्मानजनक आवाजाही को सुनिश्चित करने के लिए ‘सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड’ को केवल यात्रा सुविधा नहीं, बल्कि ‘डिग्निटी कार्ड’ बताते हुए उन्होंने कहा कि यह माननीय प्रधानमंत्री जी के ‘वन नेशन, वन कार्ड’ विजन के अनुरूप है और डीटीसी बसों के साथ अन्य सार्वजनिक परिवहन माध्यमों में भी उपयोगी होगा। इससे महिलाओं को स्वतंत्रता, सुरक्षा और रोजगार और शिक्षा के अवसरों तक सुगम पहुंच मिलेगी। साथ ही, व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि रसोई में भी सम्मान और राहत सुनिश्चित करने के लिए होली और दिवाली पर निःशुल्क गैस सिलेंडर देने के वादे को पूरा करते हुए आज ही पात्र लाभार्थियों के खातों में राशि डीबीटी की गई, जिससे महिलाओं को आर्थिक सहारा मिलेगा। योजना के तहत लगभग 130 करोड़ रुपये की राशि सीधे महिलाओं के खातों में भेजी गई है।
उन्होंने महिला सशक्तिकरण को जन्म से सुरक्षा, शिक्षा में निवेश, यात्रा में स्वतंत्रता और घरेलू जीवन में राहत के समग्र ढांचे के रूप में बताते हुए कहा कि माननीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण अब केवल नीति नहीं, बल्कि राष्ट्रीय संकल्प बन चुका है। विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए महिलाओं की कार्यबल, इनोवेशन और आर्थिक गतिविधियों में समान भागीदारी आवश्यक है। आज पंचायत से संसद तक महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ रहा है और दिल्ली की बेटियां उत्कृष्टता को नई परिभाषा दे रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही ‘सशक्त नारी से समृद्ध दिल्ली’ और ‘समृद्ध दिल्ली से विकसित भारत’ का मार्ग प्रशस्त होगा। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस और होली की शुभकामनाएं देते हुए दिल्ली की सभी माताओं, बहनों और बेटियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
