PM Svanidhi Yojna: अब 90 हजार तक मिलेगा गारंटी-फ्री लोन, केंद्र सरकार ने 2030 तक बढ़ा दी समयसीमा; जल्द उठाएं लाभ
punjabkesari.in Saturday, Aug 30, 2025 - 11:45 AM (IST)

नेशनल डेस्क : कोरोना काल के समय जब रेहड़ी-पटरी वालों और छोटे दुकानदारों का कारोबार ठप हो गया था, तब केंद्र सरकार ने उनकी मदद के लिए प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (PM Svanidhi Yojna) शुरू की थी। इस योजना के तहत सरकार बिना किसी गारंटी के 80 हजार रुपये तक का लोन उपलब्ध कराती थी। अब मोदी सरकार ने इसमें बड़ा बदलाव किया है।
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अब 2030 तक मिलेगा लाभ
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने योजना की समयसीमा को 31 मार्च 2030 तक बढ़ाने का फैसला लिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस निर्णय से लगभग 1.15 करोड़ रेहड़ी-पटरी वाले और छोटे विक्रेता लाभान्वित होंगे, जिनमें करीब 50 लाख नए लाभार्थी शामिल होंगे। सरकार के अनुसार, इस योजना के विस्तार से सरकारी खजाने पर लगभग 7,332 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ आएगा।
लोन की सीमा बढ़ाई गई
पहले योजना के तहत तीन चरणों में कुल 80 हजार रुपये का लोन मिलता था। अब इसमें बढ़ोतरी करते हुए लाभार्थियों को कुल 90 हजार रुपये तक का लोन मिलेगा।
- पहले चरण में 15,000 रुपये
- दूसरे चरण में 25,000 रुपये
- तीसरे चरण में 50,000 रुपये
शर्त यह है कि जो भी लाभार्थी तय समय में अपना पिछला लोन चुकाएगा, वही अगले चरण का लोन पाने के योग्य होगा।
अब तक कितने लोगों को मिला लाभ?
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 30 जुलाई 2025 तक 68 लाख से ज्यादा लाभार्थियों को 96 लाख से अधिक लोन वितरित किए गए हैं, जिनकी कुल राशि लगभग 13,797 करोड़ रुपये है। इनमें से 47 लाख से अधिक लाभार्थी डिजिटल भुगतान से जुड़े हुए हैं और उन्होंने अब तक करोड़ों डिजिटल ट्रांजैक्शन किए हैं।
आधार कार्ड से मिलेगा लोन
पीएम स्वनिधि योजना की सबसे खास बात यह है कि यह गारंटी-फ्री लोन स्कीम है। इसके लिए किसी भी संपत्ति को गिरवी रखने की जरूरत नहीं होती। सिर्फ आधार कार्ड के जरिए चरणबद्ध तरीके से लोन मिल जाता है। लाभार्थी को इसे सालभर में चुकाना होता है और इसके लिए EMI भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध है।
स्कीम की बाकी सुविधाएं
समय पर लोन चुकाने वाले लाभार्थियों को यूपीआई-लिंक्ड रुपे क्रेडिट कार्ड भी मिलेगा।
छोटे कारोबारियों को डिजिटल लेन-देन के लिए प्रोत्साहित करने के लिए 1,600 रुपये तक का डिजिटल कैशबैक मिलेगा।
सरकार का उद्देश्य
इस योजना के विस्तार का उद्देश्य छोटे व्यापारियों और रेहड़ी-पटरी वालों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना और उन्हें फिर से आत्मनिर्भर बनाना है। सरकार चाहती है कि छोटे विक्रेता डिजिटल पेमेंट सिस्टम से जुड़ें और वित्तीय सहायता आसानी से पा सकें।