PM मोदी बोले-असम को 3 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के प्रोजेक्ट्स का उपहार, बदलेगी राज्य की तस्वीर

2021-02-22T13:25:14.457

नेशनल डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को असम को कई विकास परियोजनाओं की सौगात दी। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि पहले की सरकार इस क्षेत्र से सौतेला व्यवहार करती रही हैं लेकिन सबका साथ-सबका विकास और सबका विश्वास के मंत्र पर काम कर रही हमारी सरकार ने इस भेदभाव को दूर किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यहां की कनेक्टिविटी हो, अस्पताल हों, शिक्षा के संस्थान हों, उद्योग हों, पहले की सरकारों की प्राथमिकता में नहीं रहे लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।

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पीएम मोदी ने कहा कि ब्रह्मपुत्र के इसी नॉर्थ बैंक से, आठ दशक पहले असमिया सिनेमा ने अपनी यात्रा, जॉयमती फिल्म के साथ शुरू की थी। इस क्षेत्र ने असम की संस्कृति का गौरव बढ़ाने वाले अनेक व्यक्तित्व दिए हैं। आज असम को तीन हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के एनर्जी और एजुकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का नया उपहार मिल रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब मैं यहां गोगामुख में इंडियन एग्रीकल्चर रिसर्च इंस्टीट्यूट का शिलान्यास करने आया था, तो मैने कहा था कि नार्थ ईस्ट भारत की ग्रोथ का नया इंजिन बनेगा।आज हम इस विश्वास को हमारी आंखों के सामने धरती पर उतरता देख रहे हैं।

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असम के लोगों से बोले पीएम मोदी

  • आत्मनिर्भर बनते भारत के लिए लगातार अपने सामर्थ्य, अपनी क्षमताओं में भी वृद्धि करना आवश्यक है। बीते वर्षों में हमने भारत में ही, रिफाइनिंग और इमरजेंसी के लिए ऑयल स्टोरेज कैपेसिटी को काफी ज्यादा बढ़ाया है।
  • इन सारे प्रोजेक्ट्स से असम और नार्थ ईस्ट में लोगों का जीवन आसान होगा और नौजवानों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। जब किसी व्यक्ति को उसकी मूलभूत सुविधाएं मिलती हैं, तो उसका आत्मविश्वास भी बढ़ता है। बढ़ता हुआ ये आत्मविश्वास क्षेत्र का भी और देश का भी विकास करता है।
  • नीति सही हो, नीयत साफ हो तो नियति भी बदलती है। आज देश में जो गैस पाइपलाइन का नेटवर्क तैयार हो रहा है, देश के हर गांव तक ऑप्टिकल फाइबर बिछाया जा रहा है, हर घर जल पहुंचाने के लिए पाइप लगाया जा रहा है, वो भारत मां की नई भाग्य रेखाएं हैं। 
  • आज पूरी दुनिया भारत के इंजीनियर्स का लोहा मान रही है। असम के युवाओं में तो अद्भुत क्षमता है। इस क्षमता को बढ़ाने के लिए राज्य सरकार जी जान से जुटी है। असम सरकार के प्रयासों के कारण ही आज यहां 20 से ज्यादा इंजीनियरिंग कॉलेज हो चुके हैं।

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Content Writer

Seema Sharma

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