स्कूलों, कॉलेजों के 500 मीटर के दायरे में तंबाकू, शराब और गुटखा पर रोक? मोदी सरकार ने ड्रग-फ्री जोन का प्रस्ताव रखा
punjabkesari.in Thursday, Aug 06, 2026 - 11:17 AM (IST)
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने शैक्षणिक संस्थानों के आसपास 500 मीटर के क्षेत्र को पूरी तरह ड्रग-फ्री जोन बनाने का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों के आधे किलोमीटर के दायरे में तंबाकू, शराब, गुटखा और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने की योजना है। यह प्रस्ताव सरकार के 2026-2029 ड्रग कंट्रोल विजन डॉक्यूमेंट का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रखना और शिक्षण संस्थानों में सुरक्षित वातावरण बनाना है।
छात्रों की सहमति से ड्रग स्क्रीनिंग का प्रस्ताव
केंद्र ने केंद्रीय वित्तीय सहायता प्राप्त उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों के लिए सहमति-आधारित ड्रग स्क्रीनिंग टेस्ट का भी प्रस्ताव रखा है। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने संसद में बताया कि यह जांच छात्रों के कल्याण कार्यक्रमों के तहत शुरू की जा सकती है। उन्होंने कहा कि यह पहल छात्रों को सुरक्षित माहौल देने के लिए बनाई गई तीन वर्षीय योजना का हिस्सा है।
रोकथाम, जागरूकता और काउंसलिंग पर जोर
-जागरूकता अभियान चलाना
-छात्रों को नशे के नुकसान के बारे में शिक्षित करना
-काउंसलिंग सुविधाएं बढ़ाना
-समुदाय की भागीदारी बढ़ाना जैसे कदम शामिल हैं।
पीएम मोदी की अपील के बाद तेज हुई पहल
यह प्रस्ताव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की युवाओं से की गई अपील के बाद आया है। पीएम मोदी ने युवाओं को देश की “अमृत पीढ़ी” बताते हुए कहा था कि अगले 20-25 वर्षों में वही भारत के विकास की दिशा तय करेंगे। उन्होंने युवाओं से नशे और अन्य बुरी आदतों से दूर रहने का आह्वान किया।
‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान
प्रधानमंत्री ने 2 अगस्त को ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ की शुरुआत की थी और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक करोड़ से अधिक युवाओं को संबोधित किया था।
ड्रग तस्करी पर भी सरकार की सख्ती
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2025 में समुद्री मार्गों से 390.803 किलोग्राम नशीले पदार्थ ज़ब्त किए गए। ज़ब्त किए गए पदार्थों में 305.894 किलोग्राम एम्फेटामाइन, 53.62 किलोग्राम गांजा, 29.954 किलोग्राम हशीश का तेल और 1.335 किलोग्राम चरस शामिल थी। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB), अन्य प्रवर्तन एजेंसियां और राज्य पुलिस नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट, 1985 के तहत अवैध नशीली दवाओं के व्यापार से निपटने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। शैक्षिक संस्थानों के लिए प्रस्तावित उपाय युवाओं में नशीली दवाओं के दुरुपयोग को रोकने और अवैध नशीले पदार्थों के ख़िलाफ़ प्रवर्तन को मज़बूत करने के सरकार के व्यापक अभियान का हिस्सा हैं।
