अब 10-20 रुपए के प्लास्टिक नोट होंगे जारी, केंद्र सरकार ने दी मंजूरी

punjabkesari.in Monday, Jul 27, 2026 - 08:42 PM (IST)

नेशनल डेस्क : आने वाले समय में लोगों की जेब में ₹10 और ₹20 के नए पॉलीमर यानी प्लास्टिक के नोट नजर आ सकते हैं। केंद्र सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत पहले इन नोटों का फील्ड ट्रायल किया जाएगा। यदि यह परीक्षण सफल रहता है, तो इन्हें नियमित रूप से देशभर में चलन में लाया जाएगा।

सरकार ने RBI के प्रस्ताव को दी मंजूरी

वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने सोमवार को संसद में जानकारी दी कि भारतीय रिजर्व बैंक ने ₹10 और ₹20 के पॉलीमर नोटों के परीक्षण के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा था। यह प्रस्ताव RBI के केंद्रीय निदेशक मंडल की सिफारिश पर भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 25 के तहत भेजा गया था। प्रस्ताव में ₹10 और ₹20 के 100-100 करोड़ पॉलीमर नोट फील्ड ट्रायल के लिए जारी करने की अनुमति मांगी गई थी। साथ ही यह भी कहा गया था कि यदि परीक्षण सफल रहता है, तो इन नोटों को नियमित रूप से चलन में लाया जाए। सरकार ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

कैसे होगा फील्ड ट्रायल?

RBI परीक्षण के दौरान ₹10 और ₹20 के 100-100 करोड़ पॉलीमर नोट जारी करेगा। इस ट्रायल में यह परखा जाएगा कि ये नोट रोजमर्रा के इस्तेमाल में कितने टिकाऊ साबित होते हैं, अलग-अलग मौसम और भौगोलिक परिस्थितियों में इनका प्रदर्शन कैसा रहता है और आम लोग इन्हें कितनी आसानी से स्वीकार करते हैं। इन सभी पहलुओं की समीक्षा के बाद ही यह फैसला लिया जाएगा कि पॉलीमर नोटों को पूरे देश में नियमित रूप से जारी किया जाए या नहीं।

क्या बंद हो जाएंगे पुराने कागजी नोट?

फिलहाल ऐसा कोई फैसला नहीं लिया गया है। वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि पॉलीमर नोटों के आने के बाद भी मौजूदा कागजी नोट चलन में बने रहेंगे। यानी दोनों तरह के नोट एक साथ इस्तेमाल किए जाएंगे। अभी पारंपरिक कागजी नोटों को पूरी तरह बंद करने की कोई योजना नहीं है।

पॉलीमर नोट क्यों माने जाते हैं बेहतर?

RBI के अनुसार, दुनिया के कई देशों में पॉलीमर नोट सफलतापूर्वक इस्तेमाल किए जा रहे हैं। ये सामान्य कागजी नोटों की तुलना में अधिक टिकाऊ होते हैं, खासकर ₹10 और ₹20 जैसे छोटे मूल्यवर्ग के नोट, जिनका रोजमर्रा के लेनदेन में सबसे ज्यादा उपयोग होता है। इनकी लंबी उम्र के कारण बार-बार नए नोट छापने और पुराने नोटों को नष्ट करने की जरूरत कम पड़ती है। इससे सरकारी खर्च में कमी आती है और पर्यावरण पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

नकली नोटों पर भी लगेगी लगाम

पॉलीमर नोटों में आधुनिक सुरक्षा फीचर्स जोड़े जा सकते हैं। इनमें पारदर्शी विंडो, उन्नत सुरक्षा धागा और नकली नोटों की पहचान आसान बनाने वाली तकनीक शामिल हो सकती है। इससे जाली नोटों पर रोक लगाने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

News Editor

Parveen Kumar

Related News