भारत में किफायती दरों पर Starlink लॉन्च करने की तैयारी, Jio को मिल सकती है चुनौती

punjabkesari.in Sunday, Oct 11, 2026 - 07:27 PM (IST)

नेशनल डेस्क : भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवा Starlink की संभावित एंट्री को लेकर एलन मस्क और रिलायंस जियो के बीच प्रतिस्पर्धा की चर्चा तेज हो गई है। जियो और उसके प्रमुख मुकेश अंबानी को लेकर बयानबाजी के बीच मस्क ने संकेत दिया है कि उनकी कंपनी भारत में Starlink की कीमतें किफायती रखने की कोशिश करेगी। उनके इस बयान के बाद भारतीय दूरसंचार बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ने की संभावनाओं पर चर्चा शुरू हो गई है।

भारत के लिए किफायती कीमतें तय करने पर जोर

एलन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि यदि Starlink की सेवा महंगी होगी, तो भारतीय उपभोक्ता इसे नहीं अपनाएंगे। इसी वजह से SpaceX भारत के बाजार के अनुरूप किफायती कीमतें तय करने पर विचार करेगी। भारत दुनिया के सबसे किफायती मोबाइल डेटा बाजारों में शामिल है। ऐसे में Starlink के लिए कीमतों को प्रतिस्पर्धी बनाए रखना एक बड़ी चुनौती होगी। हालांकि, कंपनी की ओर से भारत में सेवा की अंतिम कीमतों और टैरिफ प्लान की आधिकारिक घोषणा की पुष्टि जरूरी है।

Jio के दबदबे पर क्या पड़ेगा असर?

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि Starlink भारत में प्रतिस्पर्धी कीमतों पर अपनी सेवाएं उपलब्ध कराता है, तो इसका असर दूरसंचार क्षेत्र की प्रतिस्पर्धा पर पड़ सकता है। रिलायंस जियो देश के प्रमुख दूरसंचार सेवा प्रदाताओं में से एक है और किफायती मोबाइल डेटा के कारण भारतीय बाजार में उसकी मजबूत मौजूदगी है। हालांकि, Starlink और Jio की सेवाओं की तकनीक और उपयोगिता में अंतर है। Jio मुख्य रूप से मोबाइल और फाइबर नेटवर्क के जरिए इंटरनेट उपलब्ध कराता है, जबकि Starlink उपग्रहों के माध्यम से इंटरनेट सेवा प्रदान करता है।

सैटेलाइट इंटरनेट दूरदराज और ऐसे इलाकों में उपयोगी हो सकता है, जहां पारंपरिक नेटवर्क की पहुंच सीमित है। इसलिए दोनों कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा का वास्तविक असर सेवा की कीमत, उपलब्धता, इंटरनेट की गति और उपभोक्ताओं की जरूरतों पर निर्भर करेगा।

अंबानी और मस्क के बीच पहले भी हो चुकी है बयानबाजी

Starlink की भारत में संभावित एंट्री को लेकर एलन मस्क पहले भी मुकेश अंबानी और जियो पर टिप्पणी कर चुके हैं। मस्क ने सोशल मीडिया पर भारतीय बाजार में प्रतिस्पर्धा और Starlink को कारोबार करने का अवसर मिलने को लेकर सवाल उठाए थे।

उन्होंने इससे पहले यह आरोप भी लगाया था कि भारत में Starlink की एंट्री के रास्ते में बाधाएं आ रही हैं और इसके पीछे घरेलू कारोबारी हितों का प्रभाव हो सकता है। इन बयानों के बाद सैटेलाइट इंटरनेट सेवा को लेकर कारोबारी प्रतिस्पर्धा और नियामकीय प्रक्रिया पर बहस तेज हुई थी।

भारतीय उपभोक्ताओं को क्या होगा फायदा?

यदि Starlink भारत में किफायती दरों पर सेवा शुरू करता है, तो खासकर ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी के नए विकल्प उपलब्ध हो सकते हैं। हालांकि, इसकी उपयोगिता और लोकप्रियता इस बात पर निर्भर करेगी कि कंपनी उपकरणों की कीमत, मासिक शुल्क और सेवा की उपलब्धता को किस स्तर पर रखती है।


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News Editor

Parveen Kumar

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