PM मोदी की अपील का दिखने लगा असर, Gold की जगह अब ये सस्ती चीज खरीदने लगे लोग

punjabkesari.in Wednesday, May 13, 2026 - 12:41 AM (IST)

नेशनल डेस्कः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में देशवासियों से 'एक साल तक सोना न खरीदने' की अपील के बाद बाजारों में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। सोने की आसमान छूती कीमतों और निवेश के बदलते नजरिए के बीच अब लोगों का रुझान आर्टिफिशियल और गोल्ड प्लेटेड ज्वेलरी की तरफ तेजी से बढ़ा है। जो ज्वेलरी कभी सिर्फ 'सस्ता विकल्प' मानी जाती थी, वह अब फैशन इंडस्ट्री में 'ट्रेंडसेटर' बनकर उभरी है।

असली और नकली में फर्क करना हुआ मुश्किल
बाजार में आई इस नई लहर का केंद्र जयपुर जैसे शहर बन रहे हैं, जहां ऐसी प्रीमियम आर्टिफिशियल ज्वेलरी तैयार की जा रही है जिसे देखकर असली सोने और इसमें फर्क करना नामुमकिन सा हो गया है। खासकर जयपुर की मीनाकारी, टेंपल ज्वेलरी और सेमी-प्रेशियस स्टोंस जैसे रूबी, पन्ना और नीलम से जड़े सेट्स महिलाओं को अपनी ओर खींच रहे हैं। ज्वेलरी विशेषज्ञों का कहना है कि जितना पैसा आज सोने के गहनों के सिर्फ 'मेकिंग चार्जेस' में खर्च होता है, उतने में कई शानदार आर्टिफिशियल सेट्स खरीदे जा सकते हैं।

4-5 साल तक नहीं जाती चमक, स्किन के लिए भी सुरक्षित
आज की मॉडर्न आर्टिफिशियल ज्वेलरी सिर्फ दिखावे में ही रॉयल नहीं है, बल्कि इसकी गुणवत्ता भी बेमिसाल है। पीतल (ब्रास) आधारित ज्वेलरी को एंटी-एलर्जिक माना जाता है, जिससे त्वचा पर किसी तरह का रिएक्शन नहीं होता। इसके अलावा, इसकी चमक भी काफी टिकाऊ है; अच्छी क्वालिटी की ज्वेलरी कम से कम 4 से 5 साल तक अपनी चमक बरकरार रखती है, जिससे लोग इसे लंबे समय तक इस्तेमाल के लिए खरीदने लगे हैं।

शादी और ट्रैवलिंग के लिए 'स्मार्ट चॉइस'
आर्टिफिशियल ज्वेलरी की बढ़ती लोकप्रियता के पीछे 'सुरक्षा' एक बड़ा कारण है। डेस्टिनेशन वेडिंग और यात्रा के दौरान महंगे सोने के गहने पहनने में हमेशा चोरी या खोने का डर बना रहता है। ऐसे में महिलाएं बिना किसी तनाव के हैवी और रॉयल लुक कैरी करने के लिए इन विकल्पों को चुन रही हैं। साथ ही, इसमें कस्टमाइजेशन की सुविधा भी है, जिससे हर आउटफिट और फंक्शन के हिसाब से अलग-अलग डिजाइन तैयार करवाए जा सकते हैं।

बजट में फिट, फैशन में हिट
फैशन एक्सपर्ट्स का मानना है कि कम कीमत, सुरक्षा और शानदार डिजाइन्स की वजह से आर्टिफिशियल ज्वेलरी अब मुख्यधारा का फैशन बन चुकी है। जहाँ सोने में भारी बजट खर्च करने के बाद सीमित डिजाइन मिलते हैं, वहीं आर्टिफिशियल ज्वेलरी में एक ही बजट में ढेरों वैरायटी उपलब्ध है। यही कारण है कि आज का ग्राहक इसे 'स्मार्ट शॉपिंग' का नया मंत्र मान रहा है।


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Pardeep

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