जब दिल्ली कोरोना की मार झेल रही थी तब केजरीवाल अपने लिए दो-दो शीश महल बनवा रहे थे, Delhi Assembly में गरजे परवेश सिंह
punjabkesari.in Thursday, Mar 26, 2026 - 10:32 AM (IST)
नेशनल डेस्क। दिल्ली विधानसभा में बुधवार का नजारा किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था। PWD मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने सदन के बीचों-बीच सफेद कागज का एक लंबा रोल लहराया, जिसमें 'शीशमहल' (पूर्व सीएम केजरीवाल का बंगला) के निर्माण और सजावट पर हुए एक-एक पैसे का हिसाब लिखा था। बीजेपी ने आरोप लगाया कि जब दिल्ली कोरोना की मार झेल रही थी तब केजरीवाल अपने लिए आलीशान महल बनवा रहे थे।
सदन में 'शीशमहल' का प्रदर्शन
बीजेपी विधायकों ने भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट पर चर्चा के दौरान इस मुद्दे को उठाया। विधानसभा में पेश की गई इस रिपोर्ट के मुख्य अंश कुछ इस प्रकार हैं। बंगले के निर्माण की शुरुआती लागत 7.91 करोड़ रुपये थी जो बढ़कर 33.66 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। यह मूल लागत से करीब 342% ज्यादा है। लिस्ट में 1.5 करोड़ रुपये के झूमर, 1.5 करोड़ के पर्दे, 40 लाख के बोस (Bose) स्पीकर्स, 14 लाख की ट्रेडमिल और 5 लाख रुपये की टॉयलेट सीट का जिक्र किया गया है। मंत्री ने आरोप लगाया कि पेड़ों को काटने और पुराने हेरिटेज बंगलों को ढहाने के लिए कोई आधिकारिक अनुमति नहीं ली गई थी।
एक नहीं, दो-दो शीशमहल
मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने एक चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा कि केवल एक ही नहीं, बल्कि पास में एक दूसरा "शीशमहल" भी बनाया जा रहा था। उन्होंने कहा, "4,000 वर्ग गज के इलाके में एक और विशाल ढांचा बन रहा था जिस पर 25 करोड़ रुपये खर्च हो चुके थे। अगर सरकार नहीं बदलती तो उस पर 60 करोड़ और खर्च होते।"
कोरोना काल और 'इमरजेंसी' फाइल
बीजेपी ने नैतिक आधार पर हमला करते हुए कहा कि 1 सितंबर 2020 को जब दिल्ली में लोग बेड और वेंटिलेटर के लिए तड़प रहे थे तब इस बंगले की फाइल को 'मोस्ट अर्जेंट' मार्क करके 24 घंटे के भीतर मंजूरी दी गई थी। मंत्री ने कहा कि अगर यह 58 करोड़ रुपये आईसीयू वेंटिलेटर पर खर्च होते तो हजारों लोगों की जान बचाई जा सकती थी।
विपक्ष (AAP) की अनुपस्थिति
हैरानी की बात यह रही कि जब सदन में इतने गंभीर आरोप लग रहे थे तब आम आदमी पार्टी (AAP) का कोई भी सदस्य वहां मौजूद नहीं था। बता दें कि जनवरी में अपने चार विधायकों के निलंबन के विरोध में AAP इस बजट सत्र का बहिष्कार कर रही है।
