कबूतरों के ''भारत प्रेम'' से पाकिस्तानी परेशान

12/9/2019 3:43:38 PM

 

इस्लामाबादः पाकिस्तान के कबूतरबाज अपने कीमती और दुर्लभ प्रजातियों के कबूतरों की 'बेवफाई' से काफी परेशान हैं। उनके इन कबूतरों में से कई तेज हवा के साथ उड़ते हुए भारत चले जाते हैं और फिर या तो उन्हें भारत पसंद आ जाता है या फिर वे रास्ता भूल जाते हैं और लौटकर पाकिस्तान नहीं आते। इससे इन पाकिस्तानी कबूतरबाजों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। पंजाब प्रांत में भारतीय सीमा के पास के इंसानों की बनाई सरहद को यह परिंदे नहीं मानते और नतीजा यह होता है कि कुछ मामलों में लाख रुपए तक की कीमत के कबूतर को उसे पालने वाला खो बैठता है।

 

एक रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय सीमा के पास के इलाकों वाघा, भानुचक, नरोड, लवानवाला व कई अन्य जगहों में कई ऐसे लोग हैं जिन्हें कबूतर पालने और कबूतरबाजी का शौक है। अपने इस शौक को पूरा करने के लिए यह लोग बहुत कीमती कबूतर भी पालते हैं। इनमें ऐसे कबूतर भी होते हैं जिनकी कीमत एक लाख रुपए या इससे भी अधिक होती है। कई दफा ऐसा होता है कि यह अपनी छतों से अपने जिन कबूतरों को उड़ाते हैं, वे सरहद पार कर भारत चले जाते हैं। कई तो वापस लौटकर अपनी छत पर आ जाते हैं, लेकिन कई ऐसे भी हैं जो नहीं लौटते।

 

रेहान नाम के कबूतरबाज ने कहा, “मेरे पास सैकड़ों कबूतर हैं जिनमें से कई की कीमत एक-एक लाख रुपए तक है। मैं इन्हें अपने बच्चों की तरह पालता हूं। उस वक्त बहुत दुख होता है जब मेरे कबूतर थोड़ी ही दूरी पर मेरे सामने ही सीमा पार कर जाते हैं और फिर नहीं लौटते। पाकिस्तानी कबूतरबाजों ने यह भी बताया कि कई बार भारत के कबूतर भी उनकी छतों पर आकर बैठ जाते हैं और फिर यहीं टिक जाते हैं।

 

वे उन्हें वापस भारत भेजने के लिए उड़ाते हैं लेकिन कई फिर लौटकर उनकी छतों पर आकर बैठ जाते हैं। उनका कोई मालिक नहीं होने के कारण वे उन्हें रख लेते हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान से जाने वाले इन कबूतरों को कई बार भारत में जासूस समझ लिया जाता है। पाकिस्तानी कबूतरबाज पहचान के लिए अपने कबूतरों के परों में उदूर् में लिखी मुहरें लगाते हैं। इसे ही भारत में कोई खुफिया संदेश समझ लिया जाता है।


Tanuja

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