किसान आंदोलनः ट्रैक्टर रैली की आड़ में पाकिस्तान की नापाक साजिश का पर्दाफाश

2021-02-23T13:07:35.737

इंटरनेशनल डेस्कः भारत में कई किसान संगठन कृषि बिलों में विरोध में पिछले लगभग 3 महीने से दिल्‍ली की सीमाओं पर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। इस बीच  किसान आंदोलन की आड़ में  पाकिस्तान का एक और नापाक मंसूबा  सामने आया है। पाकिस्तान में आंतकी खालिस्तानी नेता गोपाल सिंह चावला की भारत में किसान आंदोलन के समर्थन के नाम पर पाकिस्तान में ट्रैक्टर रैली की आड़ में साजिश का पर्दाफाश हो गया है ।


दरअसल  कुछ आंतकी दल किसान आंदोलन का फायदा उठाने की फिराक में हैं और सरकार कई बार इसका संकेत भी दे चुकी है। 26 जनवरी को दिल्‍ली की सड़कों पर ट्रैक्‍टर रैली दौरान हिंसा, लाल किले पर उपद्रव हिंसा को इशी साजिश का हिस्सा माना जा रहा है। हालांकि  किसान संगठन कह रहे हैं कि उनका हिंसा करने का कोई इरादा नहीं था। 

 

अब खुफिया एजेंसी यह जांच कर रही हैं कि  यह  हिंसा किसके इशारे पर हुई?  । इस बीच  चावला द्वारा  पाकिस्‍तान में ट्रैक्‍टर रैली का ऐलान साफ इशारा करता है कि दिल्‍ली हिंसा के तार पाकिस्‍तान से भी जुड़े हो सकते हैं।चावला को मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद का करीबी माना जाता है । पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI  के गुर्गे चावला ने इंटरनेट मीडिया पर वीडियो जारी कर ट्रैक्टर रैली की बात कही है हालांकि, उसने कोई तारीख नहीं बताई है।

 

पाकिस्तान के नापाक मंसूबों को भांपते हुए ही भारत सरकार ने 17 फरवरी को SGPC की अगुआई में सिख जत्थे को पाकिस्तान में शताब्दी कार्यक्रम में हिस्सा लेने की अनुमति देने से इन्कार कर दिया ।  गौरतबल है कि आंदोलन दौरान  किसान संगठनों की कई बार सरकार से भी बात हो चुकी है, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला है। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। कोर्ट ने विशेषज्ञों की समिति गठित कर सरकार और किसानों के बीच गतिरोध दूर करने की राह दिखाई है।


Content Writer

Tanuja

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