कश्मीर पर बेबाकी पड़ी भारी; पाकिस्तान ने ब्रिटिश पार्षद को किया गिरफ्तार, बनाया बंधक
punjabkesari.in Saturday, Oct 31, 2026 - 03:22 PM (IST)
Islamabad: ब्रिटिश लेबर पार्टी के पार्षद दालत अली को पाकिस्तान में हिरासत में लिए जाने और फिर देश छोड़ने से रोके जाने का मामला अब ब्रिटेन में भी चर्चा का विषय बन गया है। पाकिस्तान मूल के ब्रिटिश नागरिक दालत अली लेखक, फिल्म निर्माता और कश्मीरियों के अधिकारों के लिए अभियान चलाने वाले नेता हैं। वह रोचडेल के मेयर फैसल राणा के नेतृत्व में एक आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ पंजाब के साहीवाल शहर गए थे। 28 अक्टूबर को जब वह ब्रिटेन लौटने के लिए लाहौर एयरपोर्ट पहुंचे, तो उन्हें विमान से उतार दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि उनका नाम पाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) की इमिग्रेशन कंट्रोल सूची में दर्ज है।रोचडेल बरो काउंसिल का मानना है कि दालत अली के खिलाफ यह कार्रवाई कश्मीर से जुड़े उनके लंबे समय से चले आ रहे अभियानों के कारण हो सकती है। उन्होंने अपने लेखों में पाकिस्तान पर पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) पर गैरकानूनी कब्जा करने का आरोप लगाया है।
कश्मीर टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, दालत अली को पाकिस्तान में एयरपोर्ट पर रोका गया और कई घंटों तक पूछताछ की गई। इसके बाद ब्रिटिश और पाकिस्तानी अधिकारियों के बीच बातचीत हुई, जिसके बाद उन्हें छोड़ दिया गया।रोचडेल बरो काउंसिल ने भी पुष्टि की कि दालत अली को कुछ समय के लिए हिरासत में रखा गया था। ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय ने भी एक व्यक्ति को हिरासत में लिए जाने और बाद में रिहा किए जाने की पुष्टि की है। मंत्रालय के मुताबिक, वह इस मामले में स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है। ब्रैडफोर्ड ईस्ट से ब्रिटिश लेबर सांसद इमरान हुसैन ने दालत अली को रोके जाने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि यह कार्रवाई पूरी तरह गलत है। उन्होंने कहा कि दालत अली की सुरक्षित वापसी का मुद्दा मंत्रियों के सामने उठाया गया है।
इमरान हुसैन ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान करने और कश्मीरियों के बुनियादी मानवाधिकारों से समझौता न करने की बात भी कही। भारतीय मानवाधिकार कार्यकर्ता अजहर अहमद ने भी इस मामले पर चिंता जताते हुए ब्रिटेन सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। दालत अली के साथ हुई इस कार्रवाई का मामला ऐसे समय सामने आया है, जब पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नागरिक अधिकारों और अन्य मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी हैं। इन प्रदर्शनों के दौरान कई लोगों की मौत की खबरें सामने आई हैं। क्षेत्र में इंटरनेट बंद किए जाने और पत्रकारों पर पाबंदियां लगाए जाने की भी रिपोर्टें आई हैं। पाकिस्तान सरकार ने विदेशी मीडिया की रिपोर्टिंग को लेकर भी सख्त नियम लागू किए हैं। वहीं, प्रदर्शनों की खबरें दिखाने वाले कश्मीरी पत्रकार दानिश इरशाद को आतंकवाद से जुड़ी निगरानी सूची में शामिल किए जाने की खबर है।
