अल नीनो’ के प्रभाव के कारण भारत में इस बार कम पड़ेगी सर्दी, पंजाब-हरियाणा -उत्तर प्रदेश वालों के लिए अलर्ट
punjabkesari.in Saturday, Oct 24, 2026 - 11:36 AM (IST)
नई दिल्ली: प्रशांत महासागर में सक्रिय हो रहे ‘अल नीनो’ के प्रभाव के कारण इस बार भारत में सर्दियां हल्की रहने की उम्मीद है। वर्ल्ड मेट्रोलॉजिकल ऑर्गेनाइजेशन (WMO) के अनुसार, नवंबर 2026 से जनवरी 2027 के दौरान तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया जा सकता है।
दिसंबर में दिखेगा सबसे ज्यादा असर:
मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि साल के अंत तक यानी दिसंबर में अल नीनो अपने चरम पर होगा, जिससे समुद्री सतह का तापमान बढ़ने के कारण वैश्विक वायुमंडलीय पैटर्न प्रभावित होगा... इसका असर भारत के मौसम पर भी साफ दिखाई देगा। अनुमान है कि इसका प्रभाव फरवरी तक बना रह सकता है।
उत्तर भारत में शीतलहर के आसार:
हालांकि कुल मिलाकर सर्दी कम रहने की संभावना है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि बिल्कुल ठंड नहीं पड़ेगी, उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए सर्दी कै अलर्च जारी रहेगा। बता दें कि दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और बिहार में पश्चिमी विक्षोभ और पहाड़ी क्षेत्रों की बर्फबारी के चलते बीच-बीच में कड़ाके की ठंड और शीतलहर का दौर देखने को मिल सकता है।
बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान का खतरा
एक तरफ जहां कमजोर सर्दी के आसार हैं, वहीं दूसरी तरफ बंगाल की खाड़ी में मौसम ने करवट ले ली है। वहां बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण अगले हफ्ते चक्रवाती तूफान आने की आशंका जताई गई है। आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, यह सिस्टम तेजी से आगे बढ़कर डिप्रेशन और फिर गहरे डिप्रेशन में तब्दील होते हुए एक गंभीर चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है।
किन राज्यों पर असर:
इस चक्रवात के आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तटों की ओर बढ़ने की संभावना है, जिससे तटीय इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। प्रशासन ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी दी है।
