1 अगस्त से बड़ा बदलावः यूपी में स्मार्ट RC होगी लागू, अब QR कोड और चिप वाले कार्ड में मिलेगी गाड़ी की पूरी जानकारी
punjabkesari.in Friday, Jul 31, 2026 - 10:50 PM (IST)
नेशनल डेस्कः उत्तर प्रदेश में वाहन चालकों के लिए एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर है। राज्य सरकार और परिवहन विभाग 1 अगस्त से पारंपरिक कागजी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) की व्यवस्था को हमेशा के लिए खत्म करने जा रहे हैं। अब वाहन चालकों को कागजी दस्तावेजों को संभालकर रखने की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि उनकी जगह एटीएम कार्ड के आकार वाली स्मार्ट कार्ड आरसी जारी की जाएगी।
हाई-टेक चिप और QR कोड से लैस होगी नई आरसी
परिवहन राज्य मंत्री दयाशंकर सिंह के निर्देशों पर विभाग ने इस नई व्यवस्था को लागू करने की पूरी तैयारी कर ली है। यह नई आरसी न केवल मजबूत प्लास्टिक मटेरियल से बनी होगी, बल्कि इसमें एक सुरक्षित इलेक्ट्रॉनिक माइक्रोचिप और एक विशेष क्यूआर कोड भी लगा होगा। इस चिप में वाहन का इंजन नंबर, चेसिस नंबर, फ्यूल टाइप और मालिक का पूरा विवरण एन्क्रिप्टेड फॉर्मेट में दर्ज रहेगा, जिससे डेटा के साथ छेड़छाड़ करना या फर्जी दस्तावेज बनाना नामुमकिन होगा।
ट्रैफिक पुलिस की चेकिंग होगी हाई-टेक
अब चेकिंग के दौरान ट्रैफिक पुलिस या आरटीओ अधिकारियों को वाहन का लंबा नंबर टाइप करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वे अपने मोबाइल या हैंडहेल्ड स्कैनर से सीधे आरसी के क्यूआर कोड को स्कैन कर सकेंगे। स्कैन करते ही वाहन के इंश्योरेंस, पीयूसी (PUC) और टैक्स पेमेंट की रियल-टाइम जानकारी तुरंत स्क्रीन पर आ जाएगी। इससे सड़कों पर चेकिंग की प्रक्रिया तेज और पारदर्शी होगी।
पुराने वाहन मालिक भी करा सकेंगे अपग्रेड
1 अगस्त से खरीदे जाने वाले सभी नए वाहनों के लिए यह स्मार्ट आरसी अनिवार्य होगी। हालांकि, जिन लोगों के पास पुराने वाहन हैं और वे अपनी कागजी आरसी को स्मार्ट कार्ड में बदलना चाहते हैं, उनके लिए सरकार ने ऑनलाइन आवेदन की सुविधा दी है।
- कैसे करें आवेदन: वाहन मालिक केंद्र सरकार के आधिकारिक 'वाहन पोर्टल' पर जाकर अपनी गाड़ी का नंबर दर्ज करके स्मार्ट आरसी के लिए आवेदन कर सकते हैं।
- फीस और डिलीवरी: इसके लिए सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम शुल्क जमा करना होगा, जिसके बाद नई स्मार्ट आरसी स्पीड पोस्ट के जरिए सीधे मालिक के घर के पते पर भेज दी जाएगी।
अपराधों पर लगेगी लगाम
परिवहन विभाग का मानना है कि इस डिजिटल व्यवस्था से चोरी के वाहनों की खरीद-बिक्री और एक ही नंबर पर दो गाड़ियां चलाने जैसे अपराधों पर काफी हद तक रोक लग सकेगी। ड्राइविंग लाइसेंस के बाद अब आरसी का डिजिटल होना उत्तर प्रदेश के परिवहन ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
