भारत की छवि पर वारः नॉर्वे के अखबार में छपा PM मोदी का ‘अपमानजनक’ कार्टून, सोशल मीडिया पर हंगामा
punjabkesari.in Wednesday, May 20, 2026 - 02:24 PM (IST)
International Desk: नॉर्वे के प्रमुख अखबार आफ़्टेनपोस्टेन (Aftenposten) द्वारा प्रकाशित एक कार्टून को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इस कार्टून में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) को “स्नेक चार्मर” यानी सपेरा दिखाया गया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर इसे नस्लवादी और अपमानजनक बताया जाने लगा। कार्टून में मोदी को पारंपरिक ‘पुंगी’ बजाते हुए दिखाया गया था, जबकि सामने पेट्रोल पंप की नोजल के आकार का सांप नजर आ रहा था। इसे हालिया पेट्रोल-डीजल कीमतों के संदर्भ से जोड़ा गया। यह चित्र एक राय लेख के साथ प्रकाशित हुआ, जिसका अनुवादित शीर्षक था “एक चतुर और थोड़ा परेशान करने वाला व्यक्ति।”
Shocking. Racist. Derogatory.
— Aditya Raj Kaul (@AdityaRajKaul) May 19, 2026
Norway’s largest broadsheet newspaper Aftenposten brazens it out with a shocking cartoon depicting Indian PM @narendramodi as a Snake Charmer with the headline: “A sneaky and slightly annoying man”.
They can’t digest India’s rise and success. Pity! pic.twitter.com/g905xHNIWm
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कई लोगों ने इस कार्टून की आलोचना करते हुए कहा कि यह भारत और भारतीयों के खिलाफ पुरानी औपनिवेशिक मानसिकता को दर्शाता है। कुछ यूजर्स ने कहा कि दुनिया अब भी भारत को “सपेरों का देश” दिखाने की कोशिश कर रही है, जबकि भारत आज तकनीक और डिजिटल क्षेत्र में बड़ी ताकत बन चुका है। यह विवाद इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी ने 2014 में न्यूयॉर्क के Madison Square Garden में दिए भाषण में कहा था कि दुनिया भारत को कभी “snake charmers” के देश के रूप में देखती थी, लेकिन अब भारत “mouse charmers” यानी तकनीकी विशेषज्ञों का देश बन चुका है।
A major Norwegian newspaper published a cartoon showing PM Modi as a snake charmer during his visit to Oslo.
— Defence News Of INDIA (@DefenceNewsOfIN) May 19, 2026
The headline described him as “a clever and slightly annoying man.”
I guess it's high time for us to either hold our agreement with the entire nordic region or give a… pic.twitter.com/eFAhLwR8WM
हालांकि कुछ लोगों ने इस विवाद को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने की आलोचना भी की। उनका कहना है कि राजनीतिक कार्टून लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति का हिस्सा होते हैं और मीडिया का काम सरकारों पर सवाल उठाना है। यह मामला हाल ही में नॉर्वे की पत्रकार Helle Lyng और भारतीय अधिकारियों के बीच हुए विवाद के बाद सामने आया है। पत्रकार ने प्रधानमंत्री मोदी से प्रेस कॉन्फ्रेंस में सवाल पूछने की कोशिश की थी, जिसके बाद विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी Sibi George ने भारत के लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों का बचाव किया था। सिबी जॉर्ज ने कहा था कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और कुछ विदेशी रिपोर्टों के आधार पर भारत को समझना गलत होगा। उन्होंने भारत के संविधान, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक संस्थाओं का भी उल्लेख किया।
Norway’s largest newspaper posts an cartoon of PM Modi as a snake charmer during his Oslo visit
— Rohitash Mahur ( Lodhi ) (@MahurRohitash) May 19, 2026
“A clever and slightly annoying man,” reads the headline pic.twitter.com/ywqYjsh6OL
