भारत के तीन किशोरों ने रचा इतिहास, ''Plas-Stick'' से जीता दुनिया का सबसे बड़ा क्लाइमेट अवॉर्ड
punjabkesari.in Sunday, Jun 28, 2026 - 12:39 PM (IST)
International Desk:भारत के तीन 16 वर्षीय छात्रों अव्याना मेहता, एरियाना अग्रवाल और विवान छावछरिया (Avyana Mehta, Ariana Agarwal and Vivaan Chhawchharia)ने अपने अभिनव आविष्कार Plas-Stick के लिए विश्व के सबसे बड़े युवा पर्यावरण पुरस्कार The Earth Prize का सर्वोच्च सम्मान हासिल किया। यह पहली बार है जब भारत की किसी टीम ने यह वैश्विक पुरस्कार जीता है। पुरस्कार समारोह 29 मई को Geneva में आयोजित हुआ। दुनिया भर से आए हजारों प्रोजेक्ट्स में से सात क्षेत्रीय फाइनलिस्ट चुने गए थे और लगभग 23,000 लोगों की सार्वजनिक वोटिंग के आधार पर भारतीय टीम को विजेता घोषित किया गया। पुरस्कार जीतने के बाद तीनों छात्रों ने कहा कि उनका अगला लक्ष्य इस तकनीक को बड़े स्तर पर विकसित करना और भारत के ग्रामीण इलाकों तक पहुंचाना है, ताकि स्वच्छ पेयजल की समस्या से जूझ रहे लोगों को इसका लाभ मिल सके।
🚨 Ironically, Indian Media Didn’t Cover This
— Indrajit (@Lotus_indrajit) June 27, 2026
Three Indian teenagers created Plas-stick, a biodegradable powder from tamarind seeds that removes microplastics from water without electricity or complex machinery
They won the 2026 Earth Prize, making India proud 🇮🇳 pic.twitter.com/sm140i4UYy
क्या है Plas-Stick?
Plas-Stick एक विशेष पाउडर है, जिसे इमली के बेकार (अपशिष्ट) बीजों से तैयार किया गया है। इस पाउडर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पानी में मौजूद माइक्रोप्लास्टिक के बेहद छोटे-छोटे कणों को आपस में जोड़कर बड़े गुच्छों (clumps) में बदल देता है। इसके बाद इन कणों को पानी से आसानी से अलग किया जा सकता है। इसकी प्रमुख विशेषताएं...
- इमली के अपशिष्ट बीजों से तैयार।
- पानी से माइक्रोप्लास्टिक हटाने में सक्षम।
- बिजली की आवश्यकता नहीं।
- कम लागत में तैयार किया जा सकता है।
- ग्रामीण और दूरदराज़ क्षेत्रों के लिए उपयोगी।
- जहां आधुनिक जल शोधन प्रणाली उपलब्ध नहीं है, वहां भी इस्तेमाल संभव।
कैसे आया यह विचार?
छात्रों ने बताया कि एक दिन उन्होंने एक छोटे बच्चे को बड़े प्लास्टिक कंटेनर से सीधे पानी पीते देखा। उसी दौरान उन्हें एहसास हुआ कि ऐसे पानी में मौजूद माइक्रोप्लास्टिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं।यहीं से उन्होंने ऐसा समाधान विकसित करने का निर्णय लिया जो सस्ता हो, पर्यावरण के अनुकूल हो और हर व्यक्ति तक पहुंच सके।
IIT गुवाहाटी का मिला सहयोग
इस प्रोजेक्ट को विकसित करने में Indian Institute of Technology Guwahati के विशेषज्ञों का भी सहयोग मिला।अब तक Plas-Stick के बारे में 8,000 से अधिक छात्रों और शिक्षकों को जागरूक किया जा चुका है।
Earth Prize क्या है?
The Earth Foundation द्वारा आयोजित The Earth Prize 13 से 19 वर्ष के विद्यार्थियों के लिए दुनिया की सबसे बड़ी पर्यावरण प्रतियोगिता मानी जाती है।इस प्रतियोगिता में विजेताओं को 100,000 अमेरिकी डॉलर तक की फंडिंग, विशेषज्ञों का मार्गदर्शन (मेंटॉरशिप),और अपने आइडिया को वास्तविक समाधान में बदलने का अवसर मिलता है। संस्था के संस्थापक Peter McGarry ने कहा कि Plas-Stick ऐसा समाधान है जो कृषि अपशिष्ट को उपयोग में लाकर माइक्रोप्लास्टिक जैसी वैश्विक समस्या का व्यावहारिक और प्रभावी समाधान प्रस्तुत करता है।
