पैनिक न करें! LPG की कोई कमी नहीं है, लोगों को घबराने की जरुरत नहीं: सरकारी अधिकारी
punjabkesari.in Thursday, Mar 12, 2026 - 06:35 PM (IST)
नेशनल डेस्क: भारत में LPG और कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर फैली चिंताओं के बीच केंद्र सरकार ने स्थिति स्पष्ट की है। पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि देश में गैस की कोई वास्तविक कमी नहीं है, बल्कि बाजारों में दिख रही भीड़ केवल 'पैनिक बुकिंग' का नतीजा है। उनके अनुसार, हाल के दिनों में एलपीजी बुकिंग में जो उछाल आया है, वह आपूर्ति रुकने के डर से उपजी घबराहट के कारण है, न कि किसी वास्तविक कमी की वजह से।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद, लेकिन भारत के पास है 'प्लान बी'
पश्चिम एशिया में तनाव के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) व्यावसायिक जहाजों के लिए बंद है। हालांकि, सुजाता शर्मा ने बताया कि सरकार के समय रहते हस्तक्षेप के कारण भारत ने अपने आयात का 70% हिस्सा अब होर्मुज के बजाय वैकल्पिक समुद्री मार्गों से मंगवाना शुरू कर दिया है।

ऊर्जा सुरक्षा के लिए भारत की रणनीति
भारत अब 40 देशों से कच्चा तेल खरीद रहा है (2006-07 में यह संख्या केवल 27 थी)। इस नीति की वजह से भारत के पास कई विकल्प मौजूद हैं। देश की रिफाइनरियां अपनी पूरी क्षमता से काम कर रही हैं, और कई मामलों में तो यह 100% से भी अधिक क्षमता पर परिचालन कर रही हैं। सरकार ने अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों को गैस आपूर्ति में प्राथमिकता दी है।
वैकल्पिक ईंधन के इस्तेमाल की सलाह
पर्यावरण मंत्रालय ने भी एहतियात के तौर पर एक एडवाइजरी जारी की है। अगले एक महीने के लिए एलपीजी पर दबाव कम करने के उद्देश्य से बायोमास, केरोसिन और कोयले जैसे वैकल्पिक ईंधनों के उपयोग की सलाह दी गई है। यह एक अस्थायी उपाय है ताकि ऊर्जा की उपलब्धता निरंतर बनी रहे। भारत प्रतिदिन लगभग 55 लाख बैरल कच्चे तेल की खपत करता है और सरकार ने पहले ही सुनिश्चित कर लिया है कि होर्मुज मार्ग बंद होने के बावजूद देश की जरूरतें पूरी होती रहें।
