जानलेवा प्रदूषण अब बच्चों के दिमाग पर कर रहा सीधा हमला, डॉक्टरों ने दी चेतावनी—बढ़ रहा ब्रेन कैंसर का खतरा
punjabkesari.in Thursday, Jul 23, 2026 - 10:35 AM (IST)
New Delhi: महानगरों में हवा का लगातार जहरीला होना अब सिर्फ सांस की बीमारियों तक सीमित नहीं रह गया है। यह मासूम बच्चों के दिमाग पर भी सीधा और जानलेवा हमला कर रहा है। दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट (DSCI) के डॉक्टरों ने अंतरराष्ट्रीय अध्ययनों का हवाला देते हुए एक चिंताजनक चेतावनी जारी की है। डॉक्टरों के मुताबिक, लंबे समय तक प्रदूषण और जहरीले धुएं के संपर्क में रहने से बच्चों में मस्तिष्क (ब्रेन) के कैंसर समेत कई अन्य तरह के ट्यूमर होने की आशंका काफी बढ़ गई है।
कोयला, पेट्रोल और डीजल का धुआं सबसे ज्यादा घातक
दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट में क्लीनिकल आंकोलाजी की सहायक प्राध्यापक डॉ. शांभवी शर्मा ने बताया कि वाहनों और फैक्ट्रियों से निकलने वाले कोयले, डीजल और पेट्रोल के धुएं में 'पालीसाइक्लिक एरोमैटिक हाइड्रोकार्बन' जैसे अति-सूक्ष्म जहरीले कण होते हैं। ये प्रदूषक बच्चों में बाल्यावस्था के दौरान होने वाले कई प्रकार के ब्रेन कैंसर का कारण बन सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि लंबे समय तक इस दूषित हवा में सांस लेने से ब्रेन ट्यूमर का जोखिम बढ़ता है, हालांकि अभी इस विषय पर और भी निर्णायक शोध किए जा रहे हैं।
सीधे दिमाग के ऊतकों पर हमला कर रहे जहरीले कण
डॉ. शर्मा के अनुसार, वाहनों के धुएं में मौजूद नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड और अल्ट्रा-फाइन पार्टिकल्स (अति-सूक्ष्म कण) इतने छोटे होते हैं कि सांस के जरिए शरीर में प्रवेश कर सीधे मस्तिष्क के ऊतकों तक पहुंच जाते हैं और उन्हें स्थायी रूप से नुकसान पहुंचाते हैं।
बच्चों में बढ़ रहा है ट्यूमर का खतरा
संस्थान के ही अन्य वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. नीरज अग्रवाल ने भी इस खतरे की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि कई अंतरराष्ट्रीय मेडिकल रिसर्च में यह सामने आया है कि ट्रैफिक के प्रदूषण, पीएम 2.5 (PM 2.5) और नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड के लगातार संपर्क में रहने से बच्चों में ब्रेन कैंसर का रिस्क तेजी से बढ़ रहा है। विशेषज्ञों की यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब दिल्ली-एनसीआर समेत देश के प्रमुख महानगरों की हवा लगातार बेहद गंभीर और घातक श्रेणी में बनी हुई है।
