न तो अमेरिका और न ही चीन भारतीय ड्रोन का पता लगा पाएंगे: राजनाथ सिंह

punjabkesari.in Sunday, Aug 31, 2025 - 12:30 AM (IST)

नेशनल डेस्कः रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर में राफे एमफाइबर प्राइवेट लिमिटेड द्वारा निर्मित देश के सबसे बड़े एयरो इंजन परीक्षण केंद्र को राष्ट्र को समर्पित किया। उन्होंने इस अवसर पर संस्थान के संस्थापकों, विशाल मिश्रा और विवेक मिश्रा की उपलब्धि को भारत की ‘‘नई तकनीकी क्रांति'' का प्रतीक बताया। सिंह ने कहा कि छह-साढ़े छह वर्षों तक रक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालने के बावजूद उन्होंने पहले कभी इतनी कम उम्र के लोगों को इतना बड़ा और अभिनव संस्थान स्थापित करते नहीं देखा। रक्षा मंत्री ने यह भी बताया कि न तो अमेरिका और न ही चीन आसमान में उड़ रहे भारतीय ड्रोन का पता लगा सकते हैं। 

सिंह ने कहा, “आज युवा सिर्फ एक कंपनी ही नहीं बना रहे बल्कि रक्षा क्षेत्र को नयी सोच और दिशा दे रहे हैं। जब भारतीय ड्रोन उड़ान भरेंगे, तो न तो अमेरिका और न ही चीन उन्हें पकड़ पाएगा। यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि है।” रक्षा मंत्री सिंह ने युद्ध नीति में ड्रोन को शामिल करने की आवश्यकता पर जोर दिया और उन्हें आधुनिक युद्ध रणनीति के लिए महत्वपूर्ण बताया। 

उन्होंने कहा, “आमतौर पर जब हम ‘विमान' शब्द सुनते हैं, तो हमारे दिमाग में तेजस, राफेल और लड़ाकू विमानों की तस्वीरें उभर आती हैं। यह स्वाभाविक भी है क्योंकि ये सभी लड़ाकू विमान हैं। हालांकि, आज के बदलते दौर में ड्रोन इस क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण शक्ति के रूप में उभरे हैं। ड्रोन अब उन क्षेत्रों में भी तैनात किए जा रहे हैं, जहां बड़े उपकरण नहीं पहुंच सकते।” सिंह ने कहा, “अगर आप रूस-यूक्रेन युद्ध को करीब से देखें तो आप पाएंगे कि ड्रोन का व्यापक रूप से इस्तेमाल किया गया है। पहले भी, अब भी और लगातार। यह साबित करता है कि ड्रोन के महत्व को समझना और उन्हें हमारी युद्ध नीति में शामिल करना नितांत आवश्यक हो गया है।” 

इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल अनिल चौहान, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह, रक्षा उत्पादन सचिव संजीव कुमार, राज्यसभा सदस्त सुरेंद्र नागर, गौतम बुद्ध नगर के सांसद महेश शर्मा और नोएडा के विधायक पंकज सिंह भी उपस्थित थे। सिंह ने निजी इकाई का उद्घाटन करने के बाद कहा, ‘‘आज यहां आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण की एक सशक्त झलक देखने को मिली।'' सिंह ने कहा, ‘‘जिन देशों ने ड्रोन तकनीक में निवेश किया है, उन्होंने इस क्षेत्र में उल्लेखनीय बढ़त हासिल की है, जबकि कई अन्य देश पीछे छूट गए हैं। अपने छह-साढ़े छह साल के अनुभव (रक्षा मंत्री के रूप में) से मैं कह सकता हूं कि आज के रक्षा क्षेत्र की वास्तविकता विमान तकनीक और ड्रोन पर टिकी है।'' 

रक्षा मंत्री ने कहा कि यह बहुत गर्व की बात है कि भारत इस क्षेत्र में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘पहले हमें ड्रोन आयात करने पड़ते थे, लेकिन आज हम उन्हें घरेलू स्तर पर डिज़ाइन, विकसित और निर्मित कर रहे हैं।'' ऑपरेशन सिंदूर के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि जब दृढ़ संकल्प, साहस और विज्ञान एक साथ आते हैं, तो असंभव भी संभव हो जाता है। उन्होंने कहा, ‘‘ऑपरेशन सिंदूर के दौरान, हमारी सेना ने 22 मिनट के भीतर दुश्मन को खत्म कर दिया। हमारी सेना ने आतंकवादियों और उनके संरक्षकों को वह आईना दिखाया, जिसकी उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी। ऑपरेशन सिंदूर एक ओर हमारे सैन्य कर्मियों की वीरता की कहानी है, तो दूसरी ओर, आत्मनिर्भर भारत हमारे वैज्ञानिकों और युवाओं के नवाचार की कहानी है।'' उन्होंने नोएडा और उत्तर प्रदेश के विकास की भी सराहना की। 

सिंह ने कहा, ‘‘योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश एक नए युग की ओर बढ़ रहा है। और उत्तर प्रदेश नयी दृष्टि और योजनाओं के जरिए अपनी पहचान बना रहा है। मैंने अन्य राज्यों की तुलना में उत्तर प्रदेश के प्रति निवेशकों का जो उत्साह देखा है, वह मैंने पहले कभी नहीं देखा। अब उत्तर प्रदेश एक नए और स्वर्णिम युग की ओर बढ़ रहा है।'' 

संयंत्र के दौरे के बारे में सिंह ने कहा, ‘‘हमने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ संयंत्र का दौरा किया था, जहां मैंने देखा कि चाहे वह एयरो इंजन परीक्षण केंद्र(सुविधा) हो, या धातु योजक विनिर्माण सुविधा हो, या 2800 डिग्री सेंटीग्रेड की क्षमता तक की भट्टियां हों या उन्नत समग्र पॉलिमर-निर्माण केंद्र, पेलोड ड्रॉप ड्रोन, स्वार्म ड्रोन या सटीक निर्देशित मिसाइल ड्रोन हों -- इन सभी में नवीनतम गुणवत्ता वाले विश्वसनीय उपकरण हैं जो भारत की क्षमता को बढ़ाएंगे।'' 

इसके अलावा, उन्होंने ‘‘बदलते उत्तर प्रदेश'' की बात की और जोर देकर कहा कि उत्तर प्रदेश में व्यापार सुगमता के नाम पर अनियमितताएं थीं। उन्होंने कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश में विनिर्माण करना या उद्योग लगाना भी काफ़ी मुश्किल था। उत्तर प्रदेश में उद्योगपतियों के लिए अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं थीं। उस समय उद्योगपतियों को अपराध, जबरन वसूली और कई अन्य चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा था।'' उन्होंने कहा, ‘‘भारत तकनीक के मामले में अन्य देशों से पीछे नहीं है। ऑपरेशन सिंदूर में जब दृढ़ संकल्प, साहस और विज्ञान एक साथ आते हैं, तो असंभव भी संभव हो जाता है।'' 


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Content Writer

Pardeep

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