NEET-UG पेपर लीक: CBI ने दायर की चार्जशीट, 13 आरोपी गिरफ्तार

punjabkesari.in Wednesday, Jul 29, 2026 - 02:23 AM (IST)

नई दिल्लीः केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) 2026 प्रश्नपत्र लीक मामले में तीन प्रश्नपत्र विशेषज्ञ, कोचिंग सेंटर से जुड़े दो लोगों, बिचौलियों और लाभ पाने वाले कई अभ्यर्थियों समेत 13 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। सीबीआई ने विशेष अदालत में दाखिल आरोपपत्र में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, साक्ष्य नष्ट करने और अन्य अपराधों तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम एवं लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) विधेयक, 2024 के तहत आपराधिक कदाचार के आरोप लगाए हैं।

सीबीआई प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, ''सीबीआई ने इस आरोपपत्र में 360 गवाहों, 422 दस्तावेजों और 43 अहम सबूतों का जिक्र किया है। आरोपपत्र में नामजद सभी 13 आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।'' जांच एजेंसी ने आरोपपत्र में डिजिटल फोरेंसिक विश्लेषण रिपोर्ट, हस्तलेख विशेषज्ञों की राय और लीक हुए प्रश्नों के संबंध में शैक्षणिक विशेषज्ञों की राय को भी संलग्न किया है। प्रवक्ता ने कहा, ''इन रिपोर्टों से यह पुष्टि हुई कि परीक्षा की तारीख से पहले लीक हुए प्रश्नों को प्रसारित करने में आरोपियों की भूमिका थी।''

अधिकारियों ने बताया कि अदालत बुधवार को इस मामले पर सुनवाई कर सकती है। प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बीच राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के लिए तीन मई को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा को 12 मई को रद्द कर दिया था। इसके बाद 21 जून को दोबारा परीक्षा आयोजित की गई थी। नीट प्रश्नपत्र लीक मामला बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया।

कॉकरेच जनता पार्टी (कॉजपा) के नेतृत्व में 'जेन जेड' के प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर पर बड़ा विरोध-प्रदर्शन शुरू किया, जिसके बाद तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। प्राथमिकी दर्ज करने के बाद सीबीआई ने जांच तेज कर दी और महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली समेत कई राज्यों में 92 स्थानों पर छापेमारी की। दो महीने तक चली जांच के दौरान सीबीआई ने प्रश्नपत्र लीक के स्रोत से लेकर फायदा उठाने वाले अभ्यर्थियों तक, साजिश का पता लगाया, जिससे ''पूरी कड़ी की पहचान'' हो सकी।

सीबीआई ने इस मामले में गिरफ्तार किए गए एनटीए के तीन विषय विशेषज्ञों-पीवी कुलकर्णी (रसायन विज्ञान), मनीषा गुरुनाथ मंधारे (जीव विज्ञान) और मनीषा संजय हवलदार (भौतिक विज्ञान) को आरोपी बनाया है। अधिकारियों ने बताया कि लातूर के डॉक्टर मनोज शिरुरे, पुणे स्थित कोचिंग सेंटर डॉ. अभंग प्रभु मेडिकल एकेडमी (एपीएमए) में भौतिक विज्ञान के शिक्षक तेजस हर्षदकुमार शाह और लातूर स्थित एक कोचिंग सेंटर से जुड़े शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को भी गिरफ्तार किया गया है और आरोपपत्र में आरोपी बनाया गया है।

सीबीआई प्रवक्ता ने कहा, ''लीक हुए प्रश्नों को हासिल करने और उन्हें आगे पहुंचाने वाले कई बिचौलियों की भी पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया है। कोचिंग संस्थानों से जुड़े दो लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है, जिन्होंने उपरोक्त विशेषज्ञों से लीक हुए प्रश्नपत्र हासिल किए थे।'' एजेंसी ने बताया कि धन के लेन-देन की जांच की गई और आरोपियों के कई बैंक खातों, बैंक लॉकर और एक डीमैट अकाउंट को 'फ्रीज' कर दिया गया है। 


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Content Writer

Pardeep

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