भारत की दो टूक: 'व्यापार में कोई शर्त नहीं...राष्ट्रहित सबसे ऊपर, सस्ता और सही मिला तो वेनेजुएला से भी खरीदेंगे तेल'

punjabkesari.in Thursday, Feb 05, 2026 - 04:03 PM (IST)

International Desk: भारत ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि वह अपनी ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वेनेजुएला सहित दुनिया के किसी भी हिस्से से कच्चा तेल खरीदने के विकल्प खुले रखे हुए है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि तेल की खरीद पूरी तरह से 'व्यावसायिक व्यवहार्यता' (Commercial Viability) पर निर्भर करेगी। अमेरिका के दावों पर भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह वेनेजुएला और अन्य स्रोतों से कच्चा तेल खरीदने के विकल्प को जारी रखने के लिए खुला है, बशर्ते यह वाणिज्यिक रूप से लाभदायक साबित हो। यह बयान ऐसे समय में आया है,a जब अमेरिका के दावों के बीच भारत की ऊर्जा रणनीति पर सवाल उठ रहे हैं।

 

भारत की ऊर्जा नीति बाजार-आधारित
जायसवाल ने बताया कि भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां वेनेजुएला की PDVSA के साथ साझेदारी में सक्रिय हैं और 2008 से वहां उपस्थिति बनाए रखी है। उन्होंने कहा कि भारत की ऊर्जा नीति बाजार-आधारित है और सभी कच्चा तेल आपूर्ति विकल्पों का वाणिज्यिक आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा।भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक है और अपनी ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्रोतों को विविध करने पर जोर देता है। विदेश मंत्रालय ने दोहराया कि 1.4 अरब भारतीयों की ऊर्जा सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसी को ध्यान में रखकर आयात निर्णय लिए जाएंगे।


 
वेनेजुएला के साथ पुराना नाता
 जायसवाल ने याद दिलाया कि भारत 2019-20 तक वेनेजुएला से तेल का प्रमुख खरीदार था। प्रतिबंधों के कारण इसे रोका गया, लेकिन 2023-24 में कुछ समय के लिए यह फिर शुरू हुआ था।PSUs की मौजूदगी: भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां (जैसे ONGC Videsh) 2008 से ही वेनेजुएला की राष्ट्रीय तेल कंपनी PDVSA के साथ साझेदारी में हैं।बाजार आधारित फैसला: सरकार ने साफ किया कि भारत किसी दबाव में नहीं, बल्कि बाजार की कीमतों और लाभ को देखकर तय करेगा कि तेल रूस से लेना है, अमेरिका से या वेनेजुएला से।


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Content Writer

Tanuja

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