मोदी का कांग्रेस पर हमला, कहा- कितना ही काला जादू कर लें, जनता का विश्वास अब उन पर दोबारा कभी नहीं बन पाएगा

punjabkesari.in Wednesday, Aug 10, 2022 - 06:07 PM (IST)

नेशनल डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि उनकी सरकार ‘शॉर्टकट' पर चलने के बजाय समस्याओं का स्थायी समाधान करती है। मोदी ने बुधवार को इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) की पानीपत रिफाइनरी के पास स्थापित दूसरी पीढ़ी के एथनॉल संयंत्र को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये राष्ट्र को समर्पित करते हुए यह बात कही। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर बड़ा हमला करते हुए कहा कि हमारे देश में भी कुछ लोग हैं जो नकारात्मकता के भंवर में फंसे हुए हैं, निराशा में डूबे हुए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के खिलाफ झूठ पर झूठ बोलने के बाद भी जनता जनार्दन ऐसे लोगों पर भरोसा करने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अभी हमने 5 अगस्त को देखा है कि कैसे काले जादू को फैलाने का प्रयास किया गया। ये लोग सोचते हैं कि काले कपड़े पहनकर, उनकी निराशा-हताशा का काल समाप्त हो जाएगा, लेकिन उन्हें पता नहीं है कि वो कितनी ही झाड़-फूंक कर लें, कितना ही काला जादू कर लें, अंधविश्वास कर लें, जनता का विश्वास अब उन पर दोबारा कभी नहीं बन पाएगा।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘पानीपत में बनाए गए दूसरी पीढ़ी के एथनॉल संयंत्र से किसानों की आय बढ़ेगी और साथ ही पराली की लंबे समय से जारी समस्या से भी छुटकारा मिलेगा।'' आईओसी की पानीपत रिफाइनरी के पास स्थित इस एथनॉल संयंत्र पर 900 करोड़ रुपये की लागत आई है। मोदी ने कहा, ‘‘पानीपत के जैविक ईंधन संयंत्र से पराली का बिना जलाए भी निपटारा हो पाएगा। इसके एक साथ कई फायदे होंगे। 

उन्होंने कहा, ‘‘पहला फायदा तो ये होगा कि पराली जलाने से धरती मां को जो पीड़ा होती थी, उस पीड़ा से मुक्ति मिलेगी। दूसरा फायदा पराली काटने से लेकर उसके निस्तारण के लिए जो नई व्यवस्था बन रही है, उससे गांवों के लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।'' मोदी ने कहा, ‘‘इसके अलावा पराली किसानों के लिये अतिरिक्त आय का माध्यम बनेगी। साथ ही प्रदूषण कम होगा, पर्यावरण की रक्षा में किसानों का योगदान और बढ़ेगा। और देश को एक वैकल्पिक ईंधन भी मिलेगा।'' 

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘...शॉर्टकट पर चलने के बजाय हमारी सरकार समस्याओं के स्थायी समाधान में जुटी है। पराली की दिक्कतों के बारे में भी बरसों से कितना कुछ कहा गया। लेकिन शॉर्टकट वाले इसका समाधान नहीं दे पाए'' आईओसी की स्वदेशी प्रौद्योगिकी पर आधारित इस परियोजना में एक साल में करीब दो लाख टन भूसी को इस्तेमाल में लाया जाएगा। इसकी मदद से सालाना करीब तीन करोड़ लीटर एथनॉल का उत्पादन होगा।


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Content Writer

Anil dev

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