भाजपा का राष्ट्रवाद सिर्फ दिखावा! किताब में ऐसा क्या जो सरकार छिपा रही? खरगे का मोदी सरकार पर तीखा हमला
punjabkesari.in Monday, Feb 02, 2026 - 07:20 PM (IST)
नेशनल डेस्क: संसद में पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की अभी तक प्रकाशित न हुई किताब को लेकर सियासी तूफान खड़ा हो गया है। इसी बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। खरगे का आरोप है कि RSS और BJP की राजनीति सच को दबाने और असहज सवालों से बचने पर आधारित है, यही वजह है कि सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दों पर संसद में जवाब देने से बचती नजर आ रही है।
“किताब में ऐसा क्या है कि सरकार बेचैन है?”
खरगे ने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा एक बेहद गंभीर सवाल उठाया है। उन्होंने पूछा कि— जनरल नरवणे की किताब में ऐसा क्या लिखा है जिसे सार्वजनिक होने से पहले ही रोकने की कोशिशें हो रही हैं? और आखिर इसके पीछे किसका दबाव काम कर रहा है? कांग्रेस अध्यक्ष का दावा है कि सरकार की बेचैनी इस बात का संकेत है कि कुछ सच्चाइयों को सामने आने से रोका जा रहा है।
राष्ट्रवाद पर सवाल
खरगे ने भाजपा के राष्ट्रवाद पर भी निशाना साधते हुए कहा कि यह केवल दिखावे तक सीमित है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार असली मुद्दों पर चर्चा से बच रही है और संसद में जवाबदेही से दूरी बना रही है।
गलवान घाटी का जिक्र
कांग्रेस अध्यक्ष ने 2020 की गलवान घाटी घटना का हवाला देते हुए कहा कि देश ने 20 जवानों की शहादत देखी, लेकिन उस समय सरकार के रुख को लेकर आज भी सवाल उठते हैं। खरगे ने पूछा कि— क्या पहले कभी ऐसे संवेदनशील मामलों में संसद को भरोसे में नहीं लिया जाता था? लोकतंत्र की दुहाई देने वाली सरकार अब बहस और सवालों से क्यों घबराती है? (ये सभी आरोप और सवाल कांग्रेस अध्यक्ष की ओर से रखे गए हैं)
राजनीतिक तापमान और बढ़ा
जनरल नरवणे की किताब को लेकर पहले से चल रही बहस के बीच खरगे के इस बयान ने विवाद को और तेज कर दिया है। विपक्ष लगातार पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहा है, जबकि अब निगाहें सरकार के अगले कदम और संसद में दिए जाने वाले जवाब पर टिकी हैं।
